जिला अस्पताल में एक एंबुलेंस चालक ने खराब पड़ी एंबुलेंस में कैंटीन शुरू कर दी। पीछे खड़ी इस एंबुलेंस पर किसी की नजर नहीं पड़ रही थी। वहीं, लंबे समय से खड़ी होने की वजह से शीशों पर मिट्टी चढ़ गई थी। बारिश के समय जब एंबुलेंस के शीशे से मिटी हटी तो सीएमएस की नजर पड़ी।
सीएमएस ने चालक को नौकरी से निकाल दिया है। साथ ही अन्य चालकों को भी सख्त हिदायत दी गई है। दरअसल, जिला अस्पताल की एक एंबुलेंस में तकनीकी दिक्कत आ गई थी। एंबुलेंस काफी पुरानी भी हो चुकी थी। अस्पताल प्रशासन ने उसे खड़ा करवा दिया।
लंबे समय से यह चल नहीं रही थी। वहीं, चालक ने एंबुलेंस को सबसे पीछे छिपा कर खड़ा कर दिया। शीशों पर मिट्टी तक चढ़ गई थी। इसमें करीब 32 से ज्यादा बिस्कुट के डिब्बे, नमकीन और अन्य खाने पीने की चीजें रखी हुई थीं। वहीं, अस्पताल के सामने खानपान की दुकान चलाने वाले भी रात को अपना सामान एंबुलेंस में लाकर रख देते थे। बाकायदा वो ड्राइवर को इसके लिए पैसे देते थे।
सीएमएस अजेय अग्रवाल ने बताया कि चालक अस्पताल की दूसरी एंबुलेंस चला रहा था। उसने एंबुलेंस खड़ी देखी तो ऐसा किया। चालक ने गेस्ट हाउस की बिल्डिंग के पीछे एंबुलेंस खड़ी कर रखी थी। इससे किसी की नजर वहां जा ही नहीं पाती थी। चालक को संविदा पर नियुक्त किया गया था। अब उसे निकाल दिया गया है। वहीं, एंबुलेंस को चाइल्ड पीजीआई के बेसमेंट में खड़ा कर दिया गया है।