फरीदाबाद के सेक्टर-39 स्थित वुडवैरी टॉवर सोसाइटी परिसर में अमर उजाला संवाद का आयोजन किया गया। इस दौरान सोसाइटी के लोगों ने आरोप लगाया कि यहां पानी कनेक्शन, गंदे पानी की निकासी, सुरक्षा और सड़क की समस्या बहुत बड़ी है।
सूरजकुंड रोड सेक्टर-39 स्थित वुडवैरी टॉवर सोसाइटी परिसर में अमर उजाला संवाद का आयोजन किया गया। इस दौरान सोसाइटी के लोगों ने आरोप लगाया कि यहां पानी कनेक्शन, गंदे पानी की निकासी, सुरक्षा और सड़क की समस्या बहुत बड़ी है। वुडवैरी टॉवर सोसाइटी में 200 से अधिक परिवार रहते है। यहां टैंकर से पानी की सप्लाई की जाती है। इसका लोगों को हर माह मेंटेनेंस चार्ज के साथ भारी भरकम बिल चुकाना पड़ता है।
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सोसाइटी के निवासी सचिव पूनम अहूजा, भूपेंद्र सरदाना, संध्या यादव, शांति वर्मा और रीटा खत्याल ने बताया कि यहां ड्रेनेज सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था बहुत खराब है। यह सोसाइटी अरावली के जंगल के बीच लगभग 20 वर्ष पहले बसाई गई थी। तब सोसाइटी के आसपास इतनी आबादी नहीं बसी थी, लेकिन अब सोसाइटी के आसपास शराब का ठेका और कॉलोनियों के बसने से सोसाइटी में असमाजिक तत्वों का आवागमन बढ़ गया है। सोसाइटी के पीछे जंगल में झाड़ियों के बीच बैठकर युवक शराब का सेवन कर मारपीट करते है। इसके अलावा जंगल में कूड़े के ढेर में हर रोज आग लगती है। दमकल विभाग के कर्मी तीन से चार बार आकर आग बुझाकर गए है। असमाजिक तत्व जंगल को खोखला कर रहे है।
वहीं, मनोज वालिया और संदीप जुखत ने बताया कि हैरानी की बात तो यह है कि नगर निगम के रिकॉर्ड से वुडवैरी टॉवर ही गायब है। यहां के लोगों की प्रॉपटी दूसरे टॉवर के नाम पर दिखा दी गई है। अब लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि उसे कैसे ठीक करवाए जो निगम के रिकार्ड में ही मौजूद नहीं है। यहां लावारिस पशुओं का बहुत आतंक है।
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नगर निगम की प्रॉपटी टैक्स भरने के बाद भी लोगों को मूलभूत सुविआएं नहीं मिल रही है। यहां से 30 फुट चौड़ा एक नाला निकलता है जो पुल प्रहलादपुर के पास गंदे नाले में गिरता है। उस पर कब्जा कर लोगों ने पक्के मकान, दुकान खड़ा कर लिया है। इस कारण नाला कई जगह ब्लॉक होने के साथ केवल 3 फुट का रह गया है। जिसका खामियाजा बारिश में सोसाइटी के लोगों और स्कूली बच्चों को चुकानी पड़ती है। ऐसे में बच्चे दीवार के ऊपर से आवागमन करते है।