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आप नहीं दिल्ली की जनता लड़ रही है चुनाव : दिलीप पांडेय

Tue, 21 Jan 2020 03:25 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिलीप पांडे - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली में जिस वक्त भ्रष्टाचार विरोधी अन्ना हजारे का आंदोलन था, दिलीप पांडेय हांगकांग की एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रहे थे। आंदोलन का प्रभाव दिलीप पांडेय पर भी पड़ा। वह सब कुछ छोड़कर दिल्ली आ पहुंचे। पांडेय आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश संयोजक समेत दूसरे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता है। तिमारपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे दिलीप पांडेय से चुनावी तैयारी और पार्टी की रणनीति पर खुलकर बातचीत की अमर उजाला के संवाददाता संतोष कुमार ने। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश।

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सवाल: दिल्ली चुनाव आखिरी चरण की तरफ बढ़ रहा है। मुकाबला किससे हैं? सीधा या त्रिकोणीय?
जवाब: त्रिकोणीय मुकाबला कैसे? कांग्रेस को तो दिल्ली की जनता ने पांच साल पहले ही नकार दिया है। एक बार नहीं, पांच-पांच बार। तो आपके सवाल के जवाब के तौर
पर सीधा मुकाबला भाजपा से है। लेकिन मैं इसे अलग तरह से देख रहा हूं। हकीकत में यह चुनाव आप लड़ ही नहीं रही है, इसे तो दिल्ली के लोगों ने अपना चुनाव बना
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लिया है। और जब जनता ने चुनाव अपने हाथ में ले लिया तो वह मुकाम हासिल करेगा ही।

सवाल: पार्टी के आप पूर्वांचली चेहरा है। जबकि मनोज तिवारी की अगुवाई में भाजपा पूर्वांचल के लोगों को लामबंद कर रही है। उनकी अपनी फैन फॉलोइंग भी है। कितनी
बड़ी चुनौती है उनसे?

जवाब: मनोज तिवारी करीब छह साल से सांसद भी हैं। बाकी सारी उपलब्धियों के साथ इस पैमाने पर भी कसना चाहिए उनको। फिर, लोकसभा चुनाव के दौरान उनके ही पूर्वांचल के एक नेता से दक्षिणी दिल्ली के एक भाजपा नेता ने मारपीट की थी। दूसरे नेता ने छठ घाट तोड़ दिया था, उस वक्त मनोज तिवारी की जुबान नहीं फूटी थी। इनकी लड़ाई आप ने लड़ी। दूसरी तरफ आप ने शुरू से ही पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले लोगों का ख्याल रखा है। उनको एक राजनीतिक पहचान दी है। दिल्ली की सत्ता में पहली बार 12 विधायक आप से ही बने।

सवाल: आपको अपनी जीत पर इतना यकीन कैसे है?
जवाब:
बीते पांच साल के काम के दम पर। आज दिल्ली की हर गली में लगे रहो केजरीवाल का नारा बुलंद है। लोग खुद कह रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल ने अच्छा काम
किया है। इसमें शक कहां रह जाता है।

सवाल: तो आपने 15 विधायकों के टिकट क्यों काट दिए?
जवाब:
इसके लिए पार्टी ने एक आंतरिक सर्वे करवाया था। उसमें कुछ विधायकों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था। लिहाजा पार्टी ने दोबारा टिकट देने से मना कर
दिया। 

सवाल: वे आरोप भी लगा रहे हैं?
जवाब:
नाराजगी में कई बार लोग कई तरह की बातें करते हैं। इस पर कुछ कहना ठीक नहीं हैं। लेकिन अरविंद केजरीवाल के रहते हम लोगों के लिए यह सोचना भी संभव नहीं कि आप भ्रष्टाचार से किसी तरह का समझौता नहीं कर सकती।

सवाल: अगले पांच साल में दिल्लीवालों को क्या देने जा रहे हैं।
जवाब:
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को दिल्लीवालों के लिए गारंटी कार्ड लांच किया है। इसमें पार्टी की नीयत का पता चलता है। अभी तक मिल रहीं सुविधाएं लोगों को मिलती रहेंगी, जबकि आने वाले दिनों में दूसरी सहूलियतें भी दी जाएंगी। इसके लिए घोषणा पत्र तैयार हो रहा है। 

सवाल: आपने चुनाव लड़वाया भी है और लड़ भी रहे हैं? दोनों में क्या फर्क है?
जवाब:
हां, पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी, उसे साक्षी भाव से पूरा करने की अभी तक कोशिश है। संगठन के लिए काम करने से लेकर चुनावी मैदान में भी मोर्चा लिया है। दोनों में फर्क है। जब आप संगठन में होते हैं, तो आपकी भूमिका कुछ-कुछ चक्रवात से बाहर हालात बेहतर करने की होती है। जबकि जब आप चुनाव लड़ रहे होते हैं, तो आप चक्रवात के बीच होते हैं।
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सवाल: तिमारपुर की जनता के लिए आपका क्या विजन है?
जवाब:
कई काम हैं, मौका मिलने पर जिन्हें प्राथमिकता से करूंगा। वजीराबाद-संगम विहार क्षेत्र के लिए एक स्कूल बनवाना है। संगम विहार और वजीराबाद में सीवर, सड़क, नाली का काम करना है। मुल्कागंज की सड़कों, नालियों, गलियों को दोबारा से ठीक करवाना है। इसके अलावा नेहरू विहार में पैरीफेरेल रोड, गोपालपुर में बरात घर व खेल सुविधाओं को विकास करना है।

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