पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को शहर के कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान चार दुकानों में प्रतिबंधित ई-सिगरेट की बिक्री होते पाई गई। टीम ने दुकानदारों को हिरासत में लेकर काफी मात्रा में प्रतिबंधित उत्पाद बरामद किए हैं। जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित ई- सिगरेट की खबर पर संज्ञान लेते हुए की है।
अमर उजाला में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर शुक्रवार को ‘सावधान, ई-सिगरेट जला रही है युवाओं की जिंदगी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। यूपी में प्रतिबंधित होने के बाद भी नोएडा में ई-सिगरेट की बिक्री होना दर्शाया गया। खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया, जिसके बाद चार दुकानों को सीज करने की कार्रवाई की गई है। अभियान में सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र मिश्रा व सीओ पीयूष कुमार ने मेट्रो मार्केट सेक्टर-10 और सेक्टर-12 में एक-एक दुकान एवं सेक्टर-37 में दो दुकानों पर ई- सिगरेट की बिक्री पाए जाने पर कार्रवाई की।
टीम ने इस संबंध में लोगों से फीडबैक भी मांगा है, साथ ही एक वीडियो के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया। जिसमें अपील की गई है कि जनपद में कहीं पर ई-सिगरेट बिक्री की जानकारी मिले तो जिला प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। एनआईसीपीआर के डायरेक्टर रवि मेहरोत्रा का कहना है की यूपी में ई-सिगरेट पूरी तरह प्रतिबंधित है।
यदि कहीं इसकी बिक्री या प्रयोग होते पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कई कंपनियां यूपी में इसकी डिलीवरी नहीं देती हैं। ऐसे में इसका सेवन करने वाले अन्य प्रदेशों से इसे मगंवाते हैं। वहीं, ऑनलाइन मंगवाने वालों पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस पर रोक लगाने के लिए एनआईसीपीआर ने देशभर में ई-सिगरेट को प्रतिबंधित करने के लिए श्वेत पत्र जारी किया है।
कई जगह बिक रहा नशे का सामान
स्कूल-कॉलेज से लेकर जिला अस्पताल के बाहर तक प्रतिबंधित क्षेत्र में खुलेआम नशे का सामान बिक रहा है। जिसकी चपेट में युवा अधिक आ रहे हैं। वहीं, खुले में इनके प्रयोग से अन्य लोगों को भी दिक्कतें हो रही हैं। ऐसे में अधिकारियों द्वारा सघन जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए, तभी समस्या से निजात पाया जा सकेगा।