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एक युद्ध पटाखों के विरुद्धः ‘पटाखे मत जलाओ, धुआं होता है और धुएं से प्रदूषण’

Sat, 31 Oct 2020 11:41 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद

सार

- बच्चों ने कहा, प्रदूषण कम करने के लिए मिलकर करना होगा प्रयास
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crackers - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक तरफ बढ़ता प्रदूषण और दूसरी तरफ पास आता दिवाली का त्योहार। बढ़ते प्रदूषण के कारण बच्चों ने पटाखे नहीं जलाने की शपथ ली है। उन्होंने कहा कि पापा इस बार दिवाली पर पटाखे मत लाना, धुआं होता है। धुएं से प्रदूषण होता है, जो हमको नुकसान करता है। पैसे भी खराब होते हैं। इसलिए पटाखों के पैसे से कुछ और ले आना।

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शनिवार को शहर की वायु गुणवत्ता सूचकांक 348 दर्ज किया गया। इस बढ़ते प्रदूषण से घर में बैठे लोगों की भी सांसें फूलने लगी हैं। बच्चों ने कहा कि प्रदूषण न केवल लोगों के लिए हानिकारक है बल्कि पशु, पक्षियों और जीव जंतुओं को भी नुकसान पहुंचाता है। इसलिए इस दिवाली वे पटाखे नहीं जलाएंगे। पापा से भी पटाखे नहीं लाने की मांग की। बच्चों ने कहा कि न घर पर पटाखे आएंगे और कोई जलाएगा। 

क्या बोले बच्चे
पटाखे जलाने से वायु प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण भी होता है। इससे पशु पक्षियों को भी परेशानी होती है। इसलिए दिवाली पर आतिशबाजी न करने का संकल्प लिया है और पापा से भी पटाखे नहीं लाने को कहा है।- केजल विगी, सेक्टर-15
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पटाखे जलाने से हमारे पैसे व्यर्थ में जाते है। इसलिए उन पैसों को बचाकर कोई अच्छी चीज खरीदी जा सकती है। दिवाली रोशनी का त्योहार है। इसलिए घर पर ज्यादा से ज्यादा दीये जलाकर घर को रोशन करूंगी।-  काश्वी मिगलानी, सेक्टर-16

पिछले साल पटाखा जलाते समय मेरे हाथ में चोट लग गई थी। इसलिए मैंने पटाखे नहीं जलाने की शपथ ली है। दिवाली पर घर में बने पकवानों का आनंद लूंगा। दोस्तों को भी पटाखे नहीं लाने की अपील करूंगा।- तेजस सेक्टर-16 

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