पढ़ाई और परीक्षा में स्कूलों की होड़ से छात्र-छात्राएं व अभिभावक भी तनाव में रहते हैं। नर्सरी से ही तनाव देखने को मिलता है जबकि ऐसा होना ठीक नहीं है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद समेत अन्य गतिविधियों में भी विद्यार्थियों को भाग लेना चाहिए। पढ़ाई के साथ संस्कार भी जरूरी हैं। यह बातें शनिवार को उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम ने अमर उजाला व आईएमएस गाजियाबाद के भविष्य ज्योति कार्यक्रम में सेक्टर-11 स्थित मॉर्डन स्कूल में छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह में कहीं।
वहीं, कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शामिल नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी राजेश सिंह ने कहा कि यदि किसी के 60-70 फीसदी अंक आते हैं तो माना जाता है कि अच्छे नंबर नहीं आए। इससे छात्र-छात्राएं व अभिभावक निराश हो जाते हैं। जबकि सिर्फ अच्छे अंक आना ही सफलता ही सीढ़ी नहीं है। कम अंक वाले भी बड़ा काम कर सकते हैं। हर किसी की अलग-अलग भूमिका होती है। उन्होंने छात्रों को सीख दी कि पढ़ाई बेहद जरूरी है, लेकिन स्वस्थ रहना भी जरूरी है। इसके लिए प्रतिदिन योग के साथ-साथ अच्छा भोजन भी करें। नियमित दिनचर्या अपनाने से अच्छे ढंग से काम भी होगा। इससे पहले अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन के बाद कार्यक्रम में आए विद्यार्थियों को करियर से संबंधित जानकारी भी दी गई। अतिथियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया।
200 छात्र-छात्राएं हुए सम्मानित
मुख्य अतिथि विमला बाथम और विशेष अतिथि राजेश सिंह ने यूपी व सीबीएसई बोर्ड के 60 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले करीब 200 छात्र-छात्राओं को मेडल व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर आईएमएस गाजियाबाद की सहायक प्रोफेसर शीतल मलिक, मार्केटिंग हेड पुष्पेश पंत, सतेंद्र प्रताप सिंह, रजनी चौहान, आकांक्षा अरोड़ा, शिल्पी सरना, विंदु त्रिखा, नीरू सक्सेना, डॉ. सुमन कुमार, डॉ. उमेश, ध्रुव शर्मा, आकृति रतूड़ी आदि शामिल रहे।
अमर उजाला और आईएमएस गाजियाबाद ने मिलकर मेधावी छात्रों को सम्मानित करके बड़ा काम किया है। इससे छात्रों का हौसला बढ़ेगा और छात्र आगे नाम कमाएंगे।
- विमला बाथम, अध्यक्ष, प्रदेश महिला आयोग
जिन मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया है, वे निश्चित ही आगे खूब मेहनत करेंगे और अपने माता-पिता के साथ-साथ शिक्षकों का नाम रोशन करके जीवन मेें सफल होंगे।
- राजेश सिंह, ओएसडी, नोएडा प्राधिकरण
मेडल और सर्टिफिकेट पाकर खुशी हुई है। कार्यक्रम में इस बात की भी जानकारी दी गई कि किस तरह से करियर को आगे बढ़ा सकते हैं
।- पवन मावी, छात्र
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों से पहली बार मेडल व सर्टिफिकेट पाकर अच्छा लगा। सीखा कि पढ़ाई के साथ संस्कार भी जरूरी हैं।
- मोहिका शंकर, छात्रा