बजट में वकीलों के कल्याण के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटन किया गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कुछ दिन पहले यह राशि देने की घोषणा की थी। इस राशि के इस्तेमाल के लिए सरकार व वकीलों की सहमति से नियम बनना अभी बाकी है।
इसके इस्तेमाल के लिए मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण फंड बनाने को वकील एक बेहतर विकल्प बता रहे हैं। राजधानी के वकील लंबे समय से उनके लिए मेडिक्लेम, मृत्यु लाभ, स्टाइपेंड व हाउसिंग योजना बनाने की मांग कर रहे थे। इसके लिए देश भर के वकीलों ने 12 मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च निकाला था। बार काउंसिल ने देश भर के वकीलों के साथ इस मार्च का आयोजन किया था।
बजट में आवंटित की गई राशि का इस्तेमाल किस तरह होगा इस पर अभी कोई नीति तय नहीं है। इस पर सरकार, बार एसोसिएशन, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली द्वारा एक नीति बनाने की जरूरत है। नई दिल्ली बार एसोसिएश्न के अध्यक्ष आरके वाधवा ने बताया कि इस फंड का इस्तेमाल प्रधानमंत्री राहत कोष की तर्ज पर मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण फंड बनाकर किया जाना चाहिए ताकि इसका लाभ जरूरतमंद वकीलों को मिल सके।