नूंह। जिले के मानोता गांव में पूर्व सरपंच रशीद, उसके सहायक खुर्शीद और ग्राम सचिव सुनील पर पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में कथित फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त को शिकायत देकर आरोप लगाया कि पंचायत की करीब आठ एकड़ भूमि पर पूर्व सरपंच का कब्जा है और इसकी जांच कर कब्जा हटाने की मांग की है। वहीं गांव निवासी जावेद पुत्र आस मोहम्मद ने शिकायत में आरोप लगाया कि वर्ष 2017-18 में उसके नाम से बिना जानकारी के पीएम आवास योजना के तहत फर्जी आवेदन स्वीकृत कराकर कुल 1.38 लाख रुपये निकाल लिए गए। शिकायत के अनुसार 45 हजार, 60 हजार और 33 हजार रुपये की तीन किश्तें जारी हुईं, लेकिन उसे एक भी रुपये का लाभ नहीं मिला। जावेद का कहना है कि आवेदन में किसी अन्य व्यक्ति का जॉब कार्ड, बैंक खाता और मकान की तस्वीरें लगाई गईं, जबकि उसका एसबीआई में कोई खाता ही नहीं है।
शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी धन के गबन का मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू होने की प्रतीक्षा है। मामले को लेकर सचिव सुनील का कहना है कि जब लिस्ट आई थी तो ग्राम सभा में नाम का ऐलान किया गया था। जिसमें नंगला जमालगढ़ के रहने वाले जावेद की जानकारी मिली थी जिसको किस्त का पूरा पैसा दे दिया गया है। इस मामले की जांच भी चल रही है। खंड एवं विकास पंचायत अधिकारी अंकित यादव का कहना है कि मामले की जांच चल रही है पंचायत जमीन पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।