- नई दिल्ली में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी एलुमनी एसोसिएशन ने रजत जयंती समारोह मनाया
- तीन मूर्ति मार्ग पर प्रधानमंत्री संग्रहालय में जुटे देशभर से आए एयू के पुराछात्र
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों को बहुत कुछ दिया है। इसके पुराछात्र अपने विश्वविद्यालय को अपने पुरुषार्थ से अर्जित धन, बल, बुद्धि का कुछ हिस्सा वापस करने की तैयारी कर रहे हैं। इससे विवि की फैकल्टी में मौजूदा छात्रों के लिए पढ़ने लिखने की बेहतर सुविधा बढ़ सकेंगे। रविवार को नई दिल्ली में आयोजित इलाहाबाद यूनिवर्सिटी एलुमनी एसोसिएशन (एयूएए) के रजत जयंती समारोह में पुराछात्रों ने कुछ निर्णय लिए हैं।
एयूएए की स्थापना के 25 साल पूरे होने पर तीन मूर्ति रोड प्रधानमंत्री संग्रहालय में इसका रजत जयंती उत्सव मनाया गया। समारोह में एसोसिएशन के संस्थापक सदस्यों के अलावा मौजूदा सदस्य, देशभर में फैले एयू के पुराछात्रों ने शिरकत की। इसमें सेवानिवृत्त आईएएस देशदीपक वर्मा मुख्य अतिथि रहे, सेवानिवृत्त आईएएस संजय जोशी विशिष्ट अतिथि और सेवानिवृत्त आईएएस सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी भी अतिथि के रूप में शामिल रहे। देशदीपक वर्मा ने पुराछात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान को सर्वसुविधा संपन्न करना कठिन काम है। पुराने छात्रों को मौजूदा छात्रों की मदद जरूर करनी चाहिए। सेवानिवृत्त आईआरएस व एसोसिशन की मौजूदा महासचिव डॉ शिखा दरबारी ने कहा कि वे हाल ही में विवि की रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में गई थीं, उसे अपग्रेड किये जाने की जरूरत है। उन्होंने ऑक्सफोर्ड व दुनिया के कई अन्य बड़े विवि के उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के पुराछात्र अपने संस्थान को आर्थिक रूप से मजबूत करते हैं। उसी तरह से ये एसोसिएशन भी मौजूदा छात्रों के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय की आर्थिक व अन्य तरीकों से मदद करेगा। इसके लिए जल्द ही रणनीति तय की जाएगी।
एयूएए सदस्यों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
एयूएए के संस्थापक अध्यक्ष राजकुमार सचान ने कहा कि एसोसिएशन का मकसद सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों को जोड़ना नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र के लोगों को इसमें जोड़कर सम्मानित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने देश-विदेश में रह रहे पूर्व छात्रों को एक सूत्र में बांधा है। संजय जोशी ने कहा कि यहां आकर पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। समारोह में सेवानिवृत्त आईएएस एसके सिंह, विवेक कुमार मिश्रा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
रजत जयंती उत्सव में पुरानी यादें ताजा हुईं
इस दौरान पूर्व छात्रों ने अपनी पुरानी यादों को ताजा किया। एक दूसरे के साथ फोटो साझा की। इसमें एसोसिएशन ने पत्रिका ‘त्रिपथगा’ का भी विमोचन किया। समारोह की शुरुआत विवि के पारंपरिक गीत से हुई। उसके बाद कथक नृत्य भी पेश किए गए। सभी पूर्व छात्रों ने एक स्वर में कहा कि विश्वविद्यालय ने बहुत कुछ दिया है। अब पुराछात्र संघ को देने की जरूरत है।