हाई कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा के सुपरटेक प्रॉजेक्ट के 1,060 अवैध फ्लैटों को सील करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को थर्ड पाटी राइट देने और फ्लैट बेचने पर भी रोक लगा दी है।
साथ ही डेवलपर व अथॉरिटी से प्रोजेक्ट का पूरा ब्योरा मांगा है। अभी तक सुपरटेक डेवलपर के हलफनामे में जो जानकारी दी गई है, उसे कोर्ट ने सही नहीं माना और 2 मई तक दूसरा हलफनामा मांगा है।
यह आदेश इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डी. बी. भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने वी के शर्मा व 8 अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं।
याचिका में कहा गया है कि ग्रेटर नोएडा के प्लॉट जी. एच. 2 सेक्टर ओमनी क्रॉन 1 में सुपरटेक जार शूट योजना के तहत 2007 में 844 फ्लैट्स का नक्शा पास कराया गया, लेकिन 1904 फ्लैट्स बना लिए गए। ये फ्लैट बिना नक्शा पास कराए और बिना अनुमति के बना दिए गए।
जब कंपनी का फर्जीवाड़ा सामने आने लगा, तो कंपनी ने सुलह कर अनुमति ले ली। हाई कोर्ट ने इस बाबत सुपरटेक कंपनी से जवाब मांगा, तो आधी अधूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई। इस पर कोर्ट ने कंपनी को फटकार लगाते हुई 1,060 फ्लैट सील करने का आदेश दे दिया।