ग्रेटर नोएडा के जेवर में प्रस्तावित नोएडा एयरपोर्ट का रास्ता साफ हो गया है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के विरोध में दायर सभी आठ याचिकाएं हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
एयरपोर्ट की जमीन से जुड़े किसानों ने आठ याचिकाएं फरवरी में दायर की थी। किसानों ने तीन बिंदुओं पर याचिका दायर की थी। पहला, सोशल इंपैक्ट असिस्मेंट ठीक से नहीं किया गया है।
दूसरा, एयरपोर्ट की उपयोगिता नहीं है और तीसरा एयरपोर्ट के लिए जमीन ठीक नहीं है। हाईकोर्ट ने इनसे जुड़ी सभी आठ याचिकाओं को खारिज कर दिया। इससे एयरपोर्ट के लिए जमीन लेकर शीघ्र ही बिड निकालने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह भी जानकारी मिल रही है कि दो याचिकाएं और दायर करने की तैयारी हैं, जिनमें जमीन अधिग्रहित कर मुआवजा शीघ्र न देने को आधार बनाया जा रहा है।
दरअसल, नोएडा एयरपोर्ट के लिए करीब 1334 हेक्टेयर जमीन की दरकार है, जिसमें से 94 हेक्टेयर जमीन सरकारी है, जिसका पुनर्ग्रहण होगा। बाकी जमीन किसानों से ली जानी है। यह जमीन छह गांवों में स्थित हैं। रोही, पारोही, रन्हेरा, किशोरपुर, बनवारीवास और दयानतपुर गांव की जमीन ली जानी है।
बता दें, कि बीते नौ मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रेटर नोएडा आए थे, उन्होंने भी इसे शीघ्र निर्माण शुरू कराने का एलान किया था। चुनावी अधिसूचना लग जाने और कोर्ट में मामला चले जाने के कारण बिड नहीं निकाली जा सकी। पूछने पर यीडा के सीईओ डॉ . अरुणवीर सिंह ने याचिकाएं खारिज होने की पुष्टि की है।