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पतवाड़ी: 21 हजार लोगों के सपने पर फिरा पानी

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हाईकोर्ट के आदेश से ग्रामीण खुश हैं, जबकि ग्रेनो प्राधिकरण, बिल्डर और खरीदारों में मायूसी छा गई है। करीब 21 हजार लोगों को घर का सपना धूमिल होता दिख रहा है।
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अदालत ने पतवाड़ी में ग्रेनो प्राधिकरण को अधिग्रहीत जमीन को किसानों को वापस करने और बिल्डरों को फ्लैट खरीदारों का पैसा वापस करने का आदेश दिया है।

पतवाड़ी में ग्रेनो प्राधिकरण ने करीब 21 प्लॉट बिल्डर्स को दिए हैं। यहां पर बिल्डर्स की योजनाएं चल रही हैं। किसी के 10 टावर बन रहे हैं तो किसी के पांच। इन योजनाओं में करीब 21 हजार फ्लैट हैं, जो खरीदारों ने बुक कराए हैं।
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प्राधिकरण की यह योजना मिट्टी में मिली!

आदेश का पालन होने पर इन खरीदारों के घर का सपना टूट जाएगा। वहीं, ग्रेनो के सेक्टर दो और तीन इस आदेश से प्रभावित होंगे। सेक्टर तीन में प्राधिकरण 120 वर्ग मीटर के करीब 500 मकान बना चुका है।

अधिग्रहीत की गई जमीन वापस किए जाने पर प्राधिकरण की यह योजना मिट्टी में मिल जाएगी। जबकि सेक्टर दो में प्राधिकरण करीब 500 प्लॉट काट चुका है।

उधर, पतवाड़ी में ग्रेनो प्राधिकरण ने इंस्टीट्यूशनल प्लॉट भी काटे हैं। इनमें एक इंजीनियरिंग कॉलेज भी है, जबकि कुछ स्कूल खुलने हैं। जमीन वापस करने पर इन पर पानी फिर जाएगा।
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किसान होंगे परेशान, बिल्डर भी डूबेंगे

अगर अधिग्रहण रद्द होता है तो मुआवजा लेने वाले किसानों को दिक्कत होगी। कई किसानों ने मुआवजे का बड़ा हिस्सा खर्च कर दिया है। उनके सामने संकट यह होगा कि वह प्राधिकरण को यह राशि कहां से चुकाएंगे।

पतवाड़ी में करीब एक दर्जन बिल्डरों की योजनाएं चल रही हैं। वहां बहुमंजिली इमारतों का निर्माण चल रहा है। अगर लोगों को पैसा वापस करना पड़ा तो बिल्डर्स का काम मिट्टी में मिल जाएगा।

किसान नेता मनवीर भाटी ने कहा कि न्यायालय का आदेश सभी को मानना चाहिए। यह किसानों के हित में है। हालांकि, इस आदेश से उन लोगों को झटका लगेगा, जिन्होंने फ्लैट बुक कराए थे। प्रदेश सरकार को ऐसा कदम उठाना चाहिए कि आदेश का पालन भी हो, किसान भी खुश हों और खरीदारों का भी नुकसान न हो।
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