बसपा सुप्रीमो ने जहां चुनावी घोषणा पत्रों को झूठ का पुलिंदा बताया, वहीं बसपा द्वारा कभी घोषणा पत्र जारी न करने की बात भी पुरजोर तरीके से कही। घोषणाओं की बजाय काम पर उन्होंने विपक्षियों को घेरा।
पूर्व सीएम के बोल
1. काला धन वापस लाकर देश में विकास की गंगा बहाएंगे, इससे दलितों, मुस्लिमों और गरीब सवर्णों को मदद मिलेगी। देश की सीमाएं सुरक्षित रखेंगे और ऐसी आर्थिक नीतियां बनाएंगे, जिससे महंगाई-भ्रष्टाचार पर लगाम लगे। - ये बीजेपी के मुद्दे हैं, यानि इनसे जुड़े मतदाताओं को बसपा से जोड़ा।
2. राजनीतिक दल पूंजीपतियो के रुपयों से चुनाव लड़ते हैं, बाद में इनके दबाव में जनहित के काम नहीं कर पाते। बसपा अपने सीमित धन से चुनाव लड़ती है, ताकि किसी के दबाव में काम न करना पड़े। - ये आप पार्टी के मुद्दे हैं।
3. मुस्लिमों को रोजगार देंगे। सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करेंगे। मुस्लिमों और गरीबों तक विकास पहुंचाने के साथ ही इनकी शिक्षा के बेहतर इंतजाम कराएंगे।- ये सपा के प्रमुख मुद्दे हैं।
4. नरेंद्र मोदी के आने से देश में दंगे होंगे और मुस्लिम असुरक्षित होंगे। विदेशों से बेहतर संबंध रखने के साथ ही व्यापार-कारोबार को बढ़ावा देंगे। युवाओं को रोजगार और गरीबों को गांवों में ही रोजगार देंगे। गांवों में ही शिक्षा, चिकित्सा उपलब्ध कराएंगे। - ये कांग्रेस के मुख्य मुद्दे हैं।