मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को जीवन रक्षक दवाओं (लाइफ सेविंग ड्रग्स) के लिए दिल्ली, रोहतक और चंडीगढ़ के अस्पतालों में नहीं भटकना पड़ेगा। उन्हें सभी दवाएं बीके अस्पताल में मिल जाएंगी।
मरीजों को दवाएं लेने के लिए शहर से बाहर न जाना पड़े, इसके लिए बीके अस्पताल प्रबंधन ने जीवन रक्षक दवाओं का स्टॉक अस्पताल में रखने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है।
प्रस्ताव के कुछ मुद्दों को मंजूरी मिल गई है और कुछ को बाकी है, जिस पर 18 फरवरी को अस्पताल प्रबंधन अधिकारियों और उच्चाधिकारियों के बीच अंतिम बात होगी।
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इनमें हृदय, मस्तिष्क, गर्भावस्था और इमरजेंसी में उपयोग से जुड़ी 20 दवाओं को शामिल किया गया है। अभी तक इन दवाओं को मुख्यालय से मंगाया जाता है या फिर मरीज को दवा के लिए रेफर कर दिया जाता है। दवाओं को खरीदने के लिए करीब 40 लाख रुपये का बजट अस्पताल को दिया जाएगा।
अस्पताल के अनुसार, प्रस्ताव में इन दवाओं को स्थानीय दवा सप्लायरों से खरीदने की बात कही गई है, ताकि मरीजों को समय पर दवा दी जा सके। मुख्यालय में होने वाली बैठक के बाद दवाओं की पहली खेप अस्पताल में आ जाएगी, जिसे 31 मार्च तक उपयोग किया जाएगा।
पीएमओ डॉ. किशन कुमार ने बताया कि मुख्यालय ने दवाओं को लोकल सप्लायर से खरीदने की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा 49 किस्म की दवाओं को अस्पताल सरकारी ठेके पर भी खरीद सकेगा। उन्होंने बताया कि जीवन रक्षक दवाओं को अस्पताल प्रत्येक दो माह के लिए अपने पास स्टॉक कर सकेगा।