निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज का रजिस्टर विदेशी जमातियों के झूठ से पर्दा उठा रहा है। विदेशी जमामियों ने पूछताछ में कहा है कि वह ट्यूरिस्ट वीजा पर घूमने-फिरने भारत आए थे। वह मरकज में आयोजित हुए जलसे में शामिल होने नहीं आए थे। मगर मरकज का रजिस्टर विदेशी जमातियों के झूठ से पर्दा उठा रहा है।
जो भी विदेशी जमाती भारत आए थे वह मरकज में आए थे और मरकज के रजिस्टर में उनका नाम, उनके देश का पता, कब आए, कितने दिन के लिए आए और फोन नंबर आदि लिखा हुआ है। ऐसे में विदेशी जमाती अब झूठ नहीं बोल सकते। अपराध शाखा की जांच में अभी तक ये स्पष्ट हो चुका है कि सभी विदेशी जमातियों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया है।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मरकज के रजिस्टर को खंगालना शुरू कर दिया है। मरकज के रजिस्टर में ये भी लिखा हुआ है कि किस विदेशी ने मरकज में अपनी इच्छानुसार कितनी राशि दान की थी। ऐसे में पुलिस मरकज के रजिस्टर व विदेशी के भारत आने के समय का मिलान कर रही है।
गृहमंत्रालय ने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को जो रिपोर्ट दी है उसके तहत मार्च महीने के पहले सप्ताह में व जलसे तक करीब विभिन्न देशों से 960 विदेशी आए थे। अपराध शाखा इन सभी का रिकार्ड खंगाल रही है। अब ये देखा जा रहा है कि ये विदेशी मरकज में कब आए और मरकज से कहां-कहां गए थे। किन लोगों से मिलने गए थे और वहां कोरोना के कैसे हालत थे।
अपराध शाखा ने 960 विदेशियों में करीब 930 विदेशियों के वीजा आदि कागजात जब्त कर लिए हैं। करीब 30 विदेशियों के वीजा आदि कागजात नहीं मिले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि स्थानीय थाना पुलिस ने इनके वीजा जब्त कर लिए हों। अपराध शाखा की टीमें स्थानीय थाना पुलिस से संपर्क साध रही हैं। अपराध शाखा की टीमें अभी विदेशी जमातियों से पूछताछ कर रही हैं।
दिल्ली सरकार ने अब तक नहीं दी है रिपोर्ट
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा कई बार मांगने के बावजूद दिल्ली सरकार ने अपराध शाखा को रिपोर्ट नहीं दी है। अपराध शाखा जानना चाह रही है कि मरकज के जमातियों की वजह से कहां-कहां कोरोना फैला, कितने लोगों की मौत हुई और कितने लोग संक्रमित हुए हैं। दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर दिल्ली सरकार से रिपोर्ट मांगी है।