कोरोना से ठीक होकर उठे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के हवलदार ने प्लाज्मा दान देकर दिल्ली पुलिस की महिला इंस्पेक्टर की जान बचाई है। कोरोना होने के कारण हवलदार खुद कमजोरी महसूस कर रहे थे। इसके बावजूद इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए उन्होंने प्लाज्मा दान किया।
हवलदार की इंसानियत व बहादुरी को देखते हुए एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ईस्टर्न रेंज के उपायुक्त अंजीत चीपाला ने बताया कि हवलदार विपिन 15 जून से सीमापुरी सर्किल में तैनात है। पहले वह संसद मार्ग सर्किल में तैनात था।
30 अप्रैल को विपिन की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। विपिन को ईएसआई अस्पताल, साहिबाबाद, यूपी में भर्ती कराया गया। ठीक होने के बाद हवलदार को 13 मई को अस्ताल से छुट्टी मिल गई। वह 14 दिन वैशाली, गाजियाबाद स्थित अपने घर में ही क्वारंटीन रहा था। 27 मई को उसने अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली।
विपिन का ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव था। कोरोना से पीड़ित व एम्स में भर्ती महिला इंस्पेक्टर जयश्री गोसाई के लिए प्लाज्मा देने के लिए विपिन से आग्रह किया गया। विपिन तुरंत प्लाज्मा देने को तैयार हो गया। इस साहसिक कार्य के लिए एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने विपिन को 15 जून को प्रशस्ति पत्र दिया।