दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में आप विधायक अलका लांबा ने चुनाव आयोग और ईवीएम पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। अलका ने एक-एक कर कई ऐसी घटनाओं और व्यक्तियों के नाम सदन के पटल पर रखे जिससे ईवीएम में होने वाली गड़बड़ियों का साफ संकेत मिलता है। अलका लांबा ने ईवीएम पर यह 9 आरोप लगाए हैं।
1- क्यों दिल्ली नगर निगम चुनाव में मतदान कराने के लिए राजस्थान से 3000 फर्स्ट जनरेशन ईवीएम मंगाए गए जबकि बाकि राज्यों में जनरेशन थर्ड के ईवीएम का इस्तेमाल हो रहा है।
2- वीवी राव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ईवीएम की इसी कमजोरी की ओर इशारा करते हुए उसमें वीवीपीएटी मशीन लगाने की मांग की थी जिसके बाद 3256 करोड़ की लागत से वीवीपीएटी युक्त ईवीएम मंगाए गए तो उससे इलेक्शन क्यों नहीं कराया गया।
3- इलेक्शन कमिशन ने इस ईवीएम को हैक करने की चुनौती दी थी लेकिन जब आम आदमी पार्टी ने एक मशीन और एक कमरा हमें दे दीजिए तो आयोग ने मना कर दिया।
4- 2010 में कुछ वैज्ञानिकों ने ईवीएम को हैक करके दिखाया था और इसी के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ, जुर्माना लगाया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया।
5- उत्तर प्रदेश में हाल ही में यह बात सामने आई है कि पेट्रोल पंपों में चिप लगाकर घटतोली की जा सकती है जिसके लिए इंटरनेट की कोई आवश्यकता नहीं है। इसी बात पर लांबा ने सवाल उठाया कि ऐसी गड़बड़ी ईवीएम के साथ क्यों नहीं की जा सकती।
6- मुंबई हाईकोर्ट ने ईवीएम में घपलेबाजी के बाद उन्हें सील कर उन्हें सील कराकर जांच कराने का आदेश दिया है जो इस बात का सबूत है कि ईवीएम में कहीं न कहीं कुछ तो गड़बड़ी है।
7- हाल ही में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी 2446 ईवीएम मशीनों को सील कर उनकी जांच कराने के आदेश दिए हैं।
8- अलका लांबा ने दिल्ली में हुए मतदान में हुई एक गड़बड़ी का उदाहरण देते हुए बताया कि एक इलाके में कुल वोटिंग हुई 26445 जबकि ईवीएम ने 26884 वोट दिखा दिए। जबकि इस इलाके में आम आदमी पार्टी का प्रत्याशी 2 वोटों से हार गया।
9- अलका लांबा का आरोप था कि सब के सब ईवीएम ही हैक किए जाएं। क्योंकि हैक करने वाले भी बहुत शातिर होते हैं और अगर ऐसा सभी ईवीएम के साथ किया जाए तो वो तुरंत पकड़े जाएंगे इसी वजह से बड़े कैल्कूलेटेड तरीके से ईवीएम हैक किए जाते हैं।