मोदी सरकार के रेल बजट में भी गाजियाबाद को कुछ खास नहीं मिला। बस एक पलवल से दिल्ली और गाजियाबाद होते हुए अलीगढ़ तक जाने वाली मेमू का लाभ जरूरत मिल सकता है।
बजट में न तो किसी एक्सप्रेस ट्रेन का स्टॉपेज मिला और न ही वर्षों से चली आ रही दैनिक यात्रियों की मांग पूरी हुई। दैनिक यात्री यहां लंबी दूरी की 11 ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे थे। रेल मंत्री ने यूपी के प्रथम स्टेशन की अनदेखी की।
हालांकि ट्रेनों के मामले में गाजियाबाद के बार्डर से सटा आनंद विहार टर्मिनल इस बार भी गाजियाबाद से आगे रहा। रेल मंत्री ने आनंद विहार से सहरसा तक जनसाधारण एक्सप्रेस और आनंद विहार से गोरखपुर तक वीकली एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की घोषणा की है।
जबकि आनंद विहार से सासाराम तक चलने वाली गरीबरथ एक्सप्रेस को अब गया तक चलाया जाएगा।ये दोनों ट्रेनें भी वाया गाजियाबाद चलेंगी। लेकिन अभी तय नहीं है कि इन ट्रेनों के स्टापेज गाजियाबाद में होंगे या नहीं। रेल मंत्री ने दिल्ली से वाराणसी तक डेली एक्सप्रेस चलाने की घोषणा की है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के पूर्व संसदीय क्षेत्र और वर्तमान केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के मौजूदा लोकसभा क्षेत्र गाजियाबाद को भाजपा सरकार से बड़ी उम्मीदें थीं।
माना जा रहा था कि रेल बजट के दौरान गाजियाबाद में लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों के स्टॉपेज की घोषणा हो सकती है, मगर ऐसा नहीं हुआ। पूरे रेल बजट में गाजियाबाद को कोई सौगात नहीं मिली।
फिर अधूरे रहे सपने
गाजियाबाद के पुराने रेलवे स्टेशन पर मगध एक्सप्रेस-दिल्ली से इस्लामपुर (बिहार), कैफियत एक्सप्रेस- दिल्ली से आजमगढ़, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस- दिल्ली से पुरी के स्टॉपेज की मांग की जा रही थी। आनंद विहार टर्मिनल से कानपुर, गोरखपुर, जम्मू, बिहार समेत कई स्थानों के लिए चलने वाली 32 ट्रेनों में से सिर्फ 14 ट्रेनों के स्टॉपेज हैं। 18 ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग के लिए दैनिक यात्री संघ संघर्ष कर रहा है। दैनिक यात्री संघ के सचिव एमबी दुबे और प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री वीके सिंह से मिला था। उन्होंने ट्रेनों के स्टॉपेज गाजियाबाद में दिलाए जाने की मांग की थी।
कुछ राहत भी मिली, मिलेंगे सुरक्षाकर्मी
आरपीएफ में 17 हजार कांस्टेबलों की भर्ती की घोषणा से गाजियाबाद में भी पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जगी है।यहां आरपीएफ में 100 कांस्टेबलों की कमी हैं। आरपीएफ अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को डिमांड भेजी हुई है।
बैट्री चलित गाड़ी
गाजियाबाद स्टेशन पर विकलांगों और बुजुर्गों को प्लेटफार्म तक ले जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। अब रेलवे बैटरी चलित गाड़ी से इन्हें राहत देगा।
एसएमएस से खाना
एसएमएस से खाना आर्डर करने की सुविधा शुरू करने की घोषणा से गाजियाबाद के यात्रियों को भी सहूलियत होगी। वहीं स्टेशन पर मिलने वाले खाने की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद जगी है।
आरो युक्त पानी
गाजियाबाद स्टेशन पर प्रतिदिन पौने दो लाख यात्री आते हैं। लेकिन पानी की व्यवस्था बेहद खराब है। वाटर फिल्टर खराब है। ग्राउंड वाटर दूषित है।