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Alert: नोएडा का प्रदूषण नहीं झेल पाया मासूम, करनी पड़ी सर्जरी; डॉक्टर दे चुके थे दिल्ली एनसीआर छोड़ने की सलाह

Sun, 30 Nov 2025 03:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

एडेनोइड्स चौथे स्टेज पर पहुंचने के कारण सर्जरी करनी पड़ी। ज्यारित की हालत अब ठीक है। लेकिन एयर प्यूरीफायर के बीच रहने के लिए मजबूर है। ज्यारित की मां ने 26 नवंबर को इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो साझा कर इसकी जानकारी दी थी। 
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दिल्ली-एनसीआर में वाय प्रदूषण चिंताजनक - फोटो : एएनआई/अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली एनसीआर का प्रदूषण नहीं पांच साल का ज्यारित नहीं झेल पाया। एडेनोइड्स चौथे स्टेज पर पहुंचने के कारण सर्जरी करनी पड़ी। ज्यारित की हालत अब ठीक है। लेकिन एयर प्यूरीफायर के बीच रहने के लिए मजबूर है। ज्यारित की मां ने 26 नवंबर को इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो साझा कर इसकी जानकारी दी थी। 

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ज्यारित की मां साक्षी पाहवा ने बताया कि करीब ढाई साल पहले पति सचिन पाहवा की नौकरी के कारण सिरसा से नोएडा उनका परिवार शिफ्ट हुआ था। दीपावली 2023 के बाद से ज्यारित को हल्की सर्दी-जुकाम की समस्या होने लगी। दवाइयों से थोड़ी राहत मिलती थी लेकिन फिर उसकी हालत वैसी ही हो जाती थी। डॉक्टर ने भी   दिल्ली- एनसीआर छोड़ने की सलाह दे दी थी। 

कुछ दिन पहले हालत ज्यादा बिगड़ गई और फिर जांच करवाई तो पता चला कि बढ़ते प्रदूषण की वजह से ज्यारित के एडेनोइड्स और टॉन्सिल काफी बढ़ गए थे। जांच में इसके स्टेज-4 तक पहुंचने की बात सामने आई। जिसके बाद सर्जरी जरूरी हो गई थी। डॉक्टर ने उसकी सर्जरी की और 15 दिन तक आराम करने की सलाह दी है। परिजनों के मुताबिक अभी उसका इलाज जारी है।  
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दो एयर प्यूरीफायर के बीच रह रहा ज्यारित 
परिवार की तरफ से 26 नवंबर को इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो शेयर कर बच्चे की स्थिति दिखाई गई थी। वीडियो में बताया गया कि बढ़ते प्रदूषण की वजह से बेटे की सर्जरी कराने की नौबत आई। ज्यारित घर पर ही रहता है। उसके दोस्त घर आकर खेलते हैं। उसे 2 एयर प्यूरीफायर के बीच रहना पड़ रहा है, ताकि समस्या न बढ़े। 

गले की तरह ही नाक का टांसिल होता है एडेनोइड्स
सेक्टर-62 स्थित निजी अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सव्यासाची सक्सेना ने बताया कि जैसे गले का टांसिल होता है वैसे ही नाक के टांसिल को एडेनोइड्स कहा जाता है। जब यह बढ़ जाता है तो सांस आने में दिक्कत होती है। बच्चा रात में खूब खर्राटे लेता है। कान और गले में इंफेक्शन हो जाता है। कान में दर्द भी हो सकता है।

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