-एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
साकेत कोर्ट ने अल फलाह ट्रस्ट से जुड़े चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी की नियमित जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान ईडी ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए आरोपों की गंभीरता और अन्य संदिग्ध गतिविधियों से संभावित संबंधों का हवाला दिया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। ईडी ने यह भी दावा किया कि दिल्ली धमाका मामले में नामजद कुछ व्यक्तियों के कथित संबंध फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से रहे हैं, जो मामले की संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं। सिद्दीकी के खिलाफ ईडी की ओर से चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भी अलग से मामला दर्ज कर चार्जशीट पेश की है। बचाव पक्ष की ओर से वकील ने राहत की मांग की थी, जबकि ईडी की ओर से विशेष वकील ने इसका विरोध किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद जमानत देने से इन्कार कर दिया।
इससे पहले 7 फरवरी को अदालत ने मानवीय आधार पर सिद्दीकी को दो सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी, ताकि वह अपनी कैंसर पीड़ित पत्नी की देखभाल कर सके। हालांकि, बाद में ईडी ने इस राहत को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी, जिसके निर्देश पर ट्रायल कोर्ट ने मामले की दोबारा सुनवाई की। फिलहाल सिद्दीकी न्यायिक हिरासत में रहेगा। अदालत ने उसे बिना अनुमति दिल्ली-एनसीआर से बाहर न जाने और अपना पासपोर्ट जांच अधिकारी के पास जमा कराने का निर्देश भी दिया है।