चौधरी अजित सिंह ने बृहस्पतिवार को 12 तुगलक रोड कोठी सीपीडब्ल्यूडी को सौंप दी। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश से काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। उन्हें यह कहते हुए अजित अपने साथ ले गए कि चलो अब नए ठिकाने पर चलते हैं...यहां हमें इतने समय तक ही रहना था। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात था।
चौधरी अजित सिंह बृहस्पतिवार को भावुक माहौल में उस कोठी से विदाई ली। दिनभर वह उस कमरे में रहे जहां बैठकर किसानों से मिलते थे। शाम करीब चार बजे सीपीडब्ल्डी के अधिकारियों के आते ही उन्होंने कोठी सौंपी। कोठी में लगे चौधरी चरण सिंह के तमाम फोटो भी उतार लिए गए।
चौधरी चरण सिंह वर्ष 1978 में इस कोठी में आए थे। उस समय चौधरी अजित सिंह का राजनीति से कोई नाता नहीं था। पिछले 37 वर्षों से कोठी में रहने के कारण उससे उनका गहरा रिश्ता जुड़ गया था और उनकी कई यादें जुड़ी हुई हैं। इस कोठी में रहने के दौरान चौधरी चरण सिंह देश के प्रधानमंत्री बने थे।
यहीं चौधरी अजित सिंह को बेटा हुआ था। यहीं पर रहने के दौरान वह चार बार केंद्रीय मंत्री बने। इसी कोठी में चौधरी चरण सिंह व उनकी पत्नी गायत्री देवी ने अंतिम सांस ली थी।
पार्टी के वरिष्ठ नेता राजकुमार सांगवान के अनुसार कोठी को स्मारक बनाने के लिए मेरठ में 12 अक्तूबर की किसान स्वाभिमान रैली ऐतिहासिक होगी और इसके बाद केंद्र सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।