देश में कांग्रेस विरोधी हवा और मोदी लहर से इंकार करते हुए कांग्रेस के नई दिल्ली लोकसभा उम्मीदवार अजय माकन ने बीजेपी पर हमला बोला है।
माकन ने कहा कि यदि देश में मोदी की लहर होती तो राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली अमृतसर से चुनाव न लड़ रहे होते और न ही दिल्ली व अन्य राज्यों की सीटों पर बीजेपी को इंपोर्टेड प्रत्याशी उतराने पड़ते।
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माकन ने बीजेपी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के उदाहरण देते हुए टिकट बंटवारे की नीति पर भी सवाल खड़े किए। मोदी की लहर को सिरे से नकारते हुए माकन ने कहा कि बीते वर्ष दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम का आम चुनावों में कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के मुद्दे अलग हैं जिनके आधार पर जनता वोट करेगी।
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माकन ने पार्टी की रणनीति के बारे में बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य विरोधियों पर हावी होने के बजाए पॉजिटिव प्रचार करना है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों से केंद्र में यूपीए की सरकार है जबकि पिछले 15 साल तक दिल्ली में कांग्रेस ने शासन किया।
इन सालों में देश की जनता ने बहुत कुछ पाया है। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान काम करने और उद्देश्यों को पूरा करने में है न कि विरोधियों की बयानबाजी में।
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चुनाव प्रचार के संबंध में माकन ने कहा कि उनका उद्देश्य जनता को अपने कार्यों और विकास के रास्तों के बारे में बारे में बताना है। माकन ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी युवा टीम जिस लगन से काम कर रही है उसे देश का युवा वोटर जरूर समझेगा।
नई दिल्ली लोकसभा से दावेदार माकन को कांग्रेस की प्राइमरी से यहां का टिकट मिला है। कांग्रेस महासचिव और राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले अजय माकन ने खुद ही नई दिल्ली सीट को प्राइमरी में शामिल करने की मांग की थी ताकि पार्टी कार्यकर्ता जमीनी स्तर के व्यक्ति को उम्मीदवार चुन सकें।