जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईषी घोष का कहना है कि प्रशासन द्वारा मेरे खिलाफ दर्ज एफआईआर बेतुकी है। मेरे खिलाफ हिंसा या सर्वर रूम में जाकर तोड़फोड़ का कोई साक्ष्य नहीं है। छात्रसंघ किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करता है। छात्रसंघ या वामपंथी संगठनों ने कैंपस में हिंसा नहीं की है। यह सब एबीवीपी ने किया है। कुलपति के इशारे पर यह सब हिंसा हुई है। कुलपति कायर हैं, जो पीछे के रास्ते से गलत फैसले लेते हैं। छात्रों और शिक्षकों के सवालों से बचते हैं और फिर जेएनयू में हिंसा कराते हैं।
आईषी घोष ने मंगलवार को कहा कि मुझे कुलपति प्रो. एम. जगदीश कुमार पर पहले से शक था कि वह मेरे खिलाफ कोई षड्यंत्र रच रहे हैं। हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के फैसले का विरोध करने में मैं सबसे आगे थी। छात्रसंघ अध्यक्ष होने के नाते मेरी जिम्मेदारी बनती है कि मैं आम छात्रों की मदद के लिए आगे बढ़ूं।
आठ अक्तूबर से मैं विश्वविद्यालय के हर गलत फैसले का विरोध कर रही हूं। हालांकि कुलपति एफआईआर दर्ज करा नकाबपोश भीड़ से आम छात्रों को विरोध कराने से रोक सकते हैं, ऐसा नहीं सोचा था। उन्होंने कहा कि कुलपति के इशारे पर ही साजिश के तहत एबीवीपी के गुंडों ने कैंपस में रविवार को दहशत का माहौल बनाया, ताकि वे प्रशासन के फैसले के आगे झुक जाएं।
उन्होंने कहा कि मुझ पर जब हमला हुआ, उसके चंद मिनट बाद ही मेरे खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज करती है। यह साफ दर्शाता है कि कुलपति की साजिश के तहत यह हमला कराया गया। मेरे सिर से खून बह रहा था, लेकिन सिक्योरिटी ने मदद नहीं की। हिंसा कुलपति और एबीवीपी की निराशा का परिणाम है। यह घटनाक्रम दिल्ली पुलिस के लिए शर्मनाक है। उन्होंने एबीवीपी के बाहर से लाए गुंडों को अंदर तक पहुंचाया।
फीस बढ़ोतरी वापस कराने पर फोकस
आईषी घोष का कहना है कि छात्रसंघ का पूरा फोकस कुलपति या एबीवीपी के गुंडों से लड़ने की बजाय हॉस्टल फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस कराना है। इसीलिए जल्द से जल्द मानव संसाधन विकास मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों से बात की जाएगी, ताकि वे इस फैसले को वापस लेने के लिए विवि प्रशासन को निर्देश दें। इसके बाद प्रशासन से हॉस्टल फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने का सर्कुलर जारी कराना है।
‘मैं भी एबीवीपी पर दर्ज कराऊंगी केस’
आईषी घोष ने कहा कि मेरे खिलाफ कोई सबुत नहीं, पर दो एफआईआर दर्ज हो जाती हैं। मेरी वकील से बातचीत चल रही है। जल्द ही एबीवीपी और कुलपति के खिलाफ मामला दर्ज कराऊंगी।