- कर्नैल सिंह रेलवे स्टेडियम में जुटेंगे 3000 से अधिक एनआरएमयू प्रतिनिधि, एआईआरएफ ने स्थायी तकनीकी कर्मचारियों के पद भरने की मांग उठाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के मुख्य और सुरक्षा-संवेदनशील कार्यों में बढ़ती आउटसोर्सिंग के खिलाफ ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (एआईआरएफ) बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा। सुबह 10 बजे कर्नैल सिंह रेलवे स्टेडियम, बसंत लेन में होने वाले सम्मेलन में नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन (एनआरएमयू) के 3000 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि संगठन रेलवे में आधुनिकीकरण और नई तकनीक के इस्तेमाल के खिलाफ नहीं है, लेकिन ट्रैक व सिग्नल अनुरक्षण, लोको शेड, रेलवे कार्यशालाओं, कोचिंग डिपो और रेल डिब्बों समेत अन्य परिसंपत्तियों के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में ठेका व्यवस्था के बढ़ते इस्तेमाल पर उसे गंभीर चिंता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और मुख्य अनुरक्षण से जुड़े कार्य प्रशिक्षित एवं जवाबदेह रेलवे कर्मचारियों के माध्यम से ही कराए जाने चाहिए।
एआईआरएफ ने मांग की है कि किसी भी कार्य को आउटसोर्स करने से पहले स्वीकृत रिक्त पदों को भरा जाए और उपलब्ध कर्मचारियों का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, आउटसोर्सिंग के सुरक्षा प्रभावों की समीक्षा तथा मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों से परामर्श किया जाए।
फेडरेशन ने दौंड इलेक्ट्रिक लोको शेड में 18 वर्षों से चल रहे संचालन और अनुरक्षण मॉडल का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा रेलवे बोर्ड की 149 पदों वाली परियोजना सामान्य प्रबंधन सेवा संरचना का भी जिक्र किया। मिश्रा ने कहा कि आधुनिकीकरण जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर स्थायी तकनीकी कार्यबल को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।