केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से दिल्ली के 36 मानक केंद्रों पर आंकड़े उपलब्ध कराए जाते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, दोपहर में अधिकांश मानक केंद्रों पर पीएम 10 का स्तर गंभीर श्रेणी तक दर्ज किया गया। प्रदूषण अधिक होने की वजह से लोगों को सांस संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, लोगों ने आंखों में जलन के साथ सीने में जलन महसूस की।
तीन दिन तक राहत के आसार नहीं
केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में पराली जलने की घटनाओं की पीएम 2.5 में नौ फीसदी तक हिस्सेदारी रही है। वहीं, 2.5 माइक्रोमीटर से बड़े कणों की पीएम 10 में 52 फीसदी हिस्सेदारी रही। पीएम 2.5 का स्तर 171 और पीएम 10 का स्तर 325 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर तक रहा। सफर का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिन तक हवा की रफ्तार कम रहेगी व वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में ही बनी रहेगी। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, पंजाब में 604, हरियाणा में 11, उत्तर प्रदेश में 44, मध्यप्रदेश में 783 और राजस्थान में पांच जगहों पर पराली जलने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। वहीं, दिल्ली में एक भी जगह पर पराली नहीं जली।