बेहद खराब श्रेणी में हवा
वहीं, वाहन से होने वाला प्रदूषण 15.321 फीसदी रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 361 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें शुक्रवार की तुलना में 39 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई। सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे से हुई। वहीं, आसमान में कुहासे के साथ स्मॉग की चादर भी दिखाई दी। इसके चलते दृश्यता भी सही रही। ऐसे में सफदरजंग एयरपोर्ट में सुबह 6:30 बजे 900 मीटर दृश्यता दर्ज की गई, जो उसके बाद सुधरकर आठ बजे 1200 मीटर हो गई। इस दौरान लोग मास्क पहने नजर आए। साथ ही, सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे प्रदूषित
दूसरी ओर, एनसीआर में दिल्ली के बाद नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 354 दर्ज किया गया, यह बेहद खराब श्रेणी है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या हुई। वहीं, गाजियाबाद में 339, ग्रेटर नोएडा में 336 और गुरुग्राम में 236 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 264 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
मंगलवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान मंगलवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सीपीसीबी के अनुसार, दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 16 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम दिशा से हवाएं चली। इसके चलते प्रदूषण में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1500 मीटर रही। इसके अलावा वेंटिलेशन इंडेक्स 9000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा।
पीएम10 और पीएम2.5 का स्तर रहा इतना
दूसरी ओर, शाम चार बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 324.3 और पीएम2.5 की मात्रा 190.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। सीपीसीबी के अनुसार, राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा बेहद खराब में रिकॉर्ड की गई, जबकि कुछ इलाकों में एक्यूआई मध्यम रहा। दीपावली के बाद से दिल्ली में कई इलाकों में एक्यूआई खराब और बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है, जबकि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-2 (ग्रेप-2) के प्रतिबंध अब भी लागू हैं। सीपीसीबी के आधिकारिक आकंड़ों के अनुसार, दिल्ली में इस साल अभी तक गंभीर हवा वाला कोई दिन रिकॉर्ड नहीं किया गया है, लेकिन इस हफ्ते ऐसा होने की आशंका है। पिछली बार ऐसी रीडिंग 23 दिसंबर, 2024 को ली गई थी, जब एक्यूआई 406 रिकॉर्ड किया गया था।
दिल्ली में 200 एंटी स्मॉग गन होंगी तैनात
लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए सरकार ने राजधानी की सड़कों पर बड़े पैमाने पर एंटी स्मॉग गन तैनात करने का फैसला किया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 200 ट्रक-माउंटेड एंटी स्मॉग गनों को किराये पर लेने के लिए लगभग 59 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति और व्यय की मंजूरी दी है। यह एंटी स्मॉग गन फरवरी तक दो शिफ्टों में चलेंगी और राजधानी के उन इलाकों में तैनात होंगी जहां धूल प्रदूषण सबसे अधिक है।
इस संबंध में पीडब्ल्यूडी की ईस्ट (मेंटेनेंस) जोन की ओर से 6 नवंबर को आदेश जारी किया गया है। इसमें साफ कहा गया है कि एंटी स्मॉग गन रोजाना 8-8 घंटे की दो शिफ्टों में काम करेंगी। प्रत्येक एंटी स्मॉग गन के संचालन और किराये की औसत लागत 29,41,724 रुपये निर्धारित की गई है। इस अभियान को पॉल्यूशन कंट्रोल एंड इमरजेंसी मेजर्स (अन्य राजस्व व्यय) शीर्ष के तहत वित्तीय स्वीकृति मिली है। दिल्ली सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ-साथ इन एंटी स्मॉग गन पर पर्यावरण जागरूकता संबंधी संदेश भी प्रदर्शित किए जाएंगे। राजधानी में एंटी स्मॉग गन 2018 में लाई गईं थीं। सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपायों को लेकर सख्त निर्देश दिए थे।