केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार ऐसे पहली बार है कि जब 11 नवंबर को वायु सूचकांक खराब श्रेणी में पहुंचा है। इससे पहले 11 नवंबर वर्ष 2022, 2020, 2019 में वायु सूचकांक बेहद खराब दर्ज किया गया था। इस दौरान 346, 344 व 360 एक्यूआई दर्ज किया था। वहीं, वर्ष 2021 में 411, 2018 में 405, 2017 में 403, 2016 में 420 एक्यूआई दर्ज किया गया था। यह गंभीर श्रेणी में है। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक शनिवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति 8 से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे से रही। हवा की गति बढ़ने होने से प्रदूषण कम हो गया है।
रविवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा की गति 4 से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे से चलेगी। ऐसे में हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। जबकि सुबह के समय धुंध छाए रहने का अनुमान है। सोमवार को हवा उत्तर-पश्चिम से उत्तर दिशा की ओर से चलेगी। हवा की चाल 5 से 8 किलोमीटर प्रतिघंटे रहने का अनुमान है। इसके साथ ही हवा गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है। सफर इंडिया के मुताबिक शनिवार को दिल्ली में पीएम 2.5 की मात्रा लगभग 92 दर्ज किया गया, यह सामान्य श्रेणी में है। वहीं, पीएम 10 की मात्रा करीब 149 दर्ज की गई, जोकि सामान्य श्रेणी में है।
दिवाली के बाद हवा होगी बेहद खराब
मौसमी बदलाव के चलते दिवाली वाले दिन हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है। अगर इस दौरान पटाखे जलते हैं तो प्रदूषण की स्थिति बिगड़ सकती है। ऐसे में लोगों को बारिश से मिली राहत रविवार के दिन परेशान कर सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक पटाखे व पराली का धुआं परेशानी का सबब बन सकता है। वहीं, आने वाले सप्ताह में हवा गंभीर से बेहद खराब श्रेणी में रहने का अनुमान है।
एनसीआर में फरीदाबाद रहा सबसे प्रदूषित
सीपीसीबी के अनुसार एनसीआर में दिल्ली के बाद गुरुग्राम का सबसे अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 199 रहा, जोकि मध्यम श्रेणी है। ग्रेटर नोएडा में 130, गाजियाबाद में 160, नोएडा में 156 व फरीदाबाद में 167 एक्यूआई दर्ज किया गया। यह मध्यम श्रेणी में है।