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GRAP-4 in Delhi-NCR: जहरीली होती जा रही हवा, एक दिन में दूसरी बार बदला ग्रैप; चौथे चरण की पाबंदियां लागू

Sat, 13 Dec 2025 08:04 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली-एनसीआर में हवा जहरीली होती जा रही है। बढ़ते एक्यूआई को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CQAM) ने ग्रैप-4 लागू करने का एलान कर दिया है।
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Delhi Pollution - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेप चार लगाने की भी घोषणा की है। सुबह ग्रेप तीन पाबंदियों की घोषणा की गई थी। इसी के साथ अब दिल्ली में ग्रेप एक दो, तीन और चार की पाबंदियां लागू होंगी। दरअसल, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बहुत तेजी से खराब हो रही है, जिसे देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की समिति ने तत्काल प्रभाव से सबसे सख्त पाबंदियां ग्रेप 4 लागू करने का फैसला किया है। सीपीसीबी के अनुसार, हवा की गुणवत्ता में शनिवार शाम को और गिरावट दर्ज की गई। शाम 4 बजे जहां दिल्ली का एक्यूआई 431 था, वहीं शाम 6 बजे यह बढ़कर 441 तक पहुंच गया।

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धीमी हवा, स्थिर वातावरण और खराब मौसम की वजह से प्रदूषक हवा में फैल नहीं पाए, जिससे प्रदूषण बढ़ता गया। इसके साथ ही एनसीआर के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रदूषण को और बढ़ने से रोकने के लिए अतिरिक्त निवारक कदम उठाएं। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। सीएक्यूएम ने लोगों से ग्रेप के सिटीजन चार्टर का पालन करने की अपील की है।

स्टेज-1 और 2 के अलावा अतिरिक्त सलाह में छोटी दूरी के लिए पैदल व साइकिल चलाना, सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग, वर्क फ्रॉम होम, कोयला-लकड़ी से गर्माहट न लेना, सुरक्षाकर्मियों को इलेक्ट्रिक हीटर देना और अनावश्यक यात्राएं कम करना शामिल है। फैसले में कहा गया है कि यह चरण 1, 2 और 3 के मौजूदा उपायों के अलावा लागू होगा। एनसीआर के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वायु गुणवत्ता की आगे बिगड़ने से रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई को तेज करें। नागरिकों से अपील है कि वे ग्रेप के नियमों का पालन करें ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।

ग्रेप 3 में इन चीजों पर रहेगी पाबंदी
  • निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध: एनसीआर में खुदाई, पाइलिंग, विध्वंस, सीवर,पानी, बिजली लाइन बिछाने समेत अन्य कार्य पर प्रतिबंध। हालांकि, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा, अस्पताल, हाईवे, सैनिटेशन जैसे राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट्स को छूट दी गई है।
  • स्टोन क्रशर बंद: पूरे एनसीआर में स्टोन क्रशरों का संचालन बंद।
  • खनन गतिविधियां बंद: सभी खनन और संबंधित कार्य बंद।
  • वाहन प्रतिबंध: दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर जिलों में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल एलएमवी (4-व्हीलर) पर सख्त रोक। दिव्यांगों को विशेष रूप से अनुकूलित बीएस-3-4 वाहनों की छूट।
  • दिल्ली में डीजल एमजीवी पर रोक: दिल्ली-पंजीकृत बीएस-4 या इससे नीचे के डीजल मध्यम माल वाहनों पर दिल्ली में रोक, सिवाय आवश्यक सामग्री व सेवाओं वाले।
  • बाहरी डीजल माल वाहक पर रोक: दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-4 डीजल माल वाहक दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे, सिवाय आवश्यक सामग्री व सेवाओं वाले।
  • स्कूलों में हाइब्रिड क्लासेस: दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर में कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) अनिवार्य।
  • ऑफिस में 50% क्षमता: एनसीआर राज्य सरकारें व दिल्ली सरकार सार्वजनिक, नगरपालिका और निजी ऑफिसों में 50% स्टाफ के साथ काम करने का फैसला ले सकती हैं, बाकी वर्क फ्रॉम होम।
  • केंद्रीय ऑफिसों में वर्क फ्रॉम होम: केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम पर निर्णय ले सकती है।

ग्रेप 4 में इन चीजों पर रोक
  • ग्रेप 4 के प्रतिबंधों के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़क, फ्लाईओवर, ओवर ब्रिज, बिजली वितरण से संबंधित परियोजनाओं और आवश्यक सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को छोड़कर, सभी तरह के निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक रहती है।
  • इसके तहत दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक रहेगी। सिर्फ जरूरी चीजें लेकर आने वाले ट्रकों, सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों, और बीएस-VI इंजन वाले ट्रकों को छूट रहेगी।
  • दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-आवश्यक हल्के वाणिज्यिक गाड़ियों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। दिल्ली में पंजीकृत बीएस-IV या उससे पुराने डीजल के भारी मालवाहक वाहन पर रोक रहेगी।
  • छठी से नौवीं और 11वीं की पढ़ाई ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में की जा सकती है। सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ वर्क फ्रॉम होम लागू करने का आदेश दिया जा सकता है।
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कब-कब लागू होते हैं ग्रेप के नियम
  • 201 से 300 (खराब)- ग्रेप-1
  • 301-400 (बहुत खराब- ग्रेप-2
  • 401 से 450 (गंभीर)- ग्रेप-3
  • 450 से ऊपर (अति गंभीर)- ग्रेप- 4

 
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