शहर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने एंवायरमेंट पॉल्यूशन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल अथॉरिटी (ईपीसीए) के निर्देशों को आगे बढ़ाते हुए कार्रवाई की अनुशंसा सोमवार को की। इसके तहत 1 नवबंर से 10 नवंबर तक शहर में किसी भी तरह का निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। प्राधिकरण, अन्य विभाग समेत निजी बिल्डरों पर यह रोक लागू होगी। इसके अलावा हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन क्रशर प्लांट भी बंद रहेंगे।
वहीं साथ ही कोयले व बायोमास से चलने वाले सभी उद्योगों को बंद करने का निर्णय यूपीपीसीबी द्वारा लिया गया है। एक्शन प्लान के तहत बिजली विभाग को कम से कम कटौती और ट्रिपिंग करने को कहा गया है, ताकि जनरेटर का प्रयोग नहीं हो। इस दौरान सभी वर्क सर्किल के अधिकारी नेतृत्व वाली टीम के साथ यूपीपीसीबी की टीम भी निरीक्षण करेगी। इसके अलावा करीब एक दर्जन ऐसे कारकों पर रोक लगाई जा रही है। जिनसे प्रदूषण बढ़ने का खतरा है। वहीं प्रदूषण की रोकथाम के लिए वर्क सर्किल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
आबोहवा सुधारने के लिए ये नियम भी लागू
- हर प्रकार के कंस्ट्रक्शन कार्यो पर रोक
- हॉट मिक्सिंग प्लांट, स्टोन क्रशर, ब्रिक क्रशर पर रोक
- खुले में कचरा/ लकड़ी व किसी प्रकार के कोयला भी जलाने पर रोक
- सिर्फ दीवाली पर तय समय पर पटाखा चलाने की अनुमति
- बाहरी ट्रकों के शहर में घुसने पर पाबंदी
- डीजल वाहनों पर रोक
- बिजली सप्लाई में कमी न हो ताकि डीजल सेट की जरूरत महसूस हो