पीएम2.5 बना सबसे बड़ा प्रदूषक, बुधवार को खराब श्रेणी में पहुंचने का अनुमान, 29 और 30 अक्तूबर को बारिश से मिल सकती है राहत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दो दिनों की मामूली राहत के बाद दिल्ली की हवा एक बार फिर खराब होने की दहलीज पर पहुंच गई है। मंगलवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 197 दर्ज किया गया। इसमें सबसे बड़ी भूमिका पीएम2.5 प्रदूषक की रही। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। हालांकि, 29 और 30 अक्टूबर को हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के कारण प्रदूषण से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 197 रहा। शहर के 59 निगरानी केंद्रों में से 55 के आंकड़ों के आधार पर यह औसत दर्ज किया गया। एक्यूआई में लगातार बढ़ोतरी से राजधानी की वायु गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ रही है।
एनसीआर में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे साफ
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे बेहतर रही। यहां एक्यूआई 82 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में है। वहीं, फरीदाबाद में एक्यूआई 122, गाजियाबाद में 140, नोएडा में 164 और गुरुग्राम में 174 रहा। इन सभी शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई। दूसरी ओर, पानीपत में एक्यूआई 274 रहा, जो खराब श्रेणी में है। गजरौला में 247, भिवाड़ी में 244 और बड़ौत में 211 एक्यूआई दर्ज किया गया। इन शहरों की हवा दिल्ली से भी अधिक प्रदूषित रही।
तीन दिन में 44 अंक बढ़ा एक्यूआई
राजधानी में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। 25 अक्टूबर को दिल्ली का औसत एक्यूआई 153 था, जो 26 अक्तूबर को बढ़कर 174 और 27 अक्टूबर को 197 पहुंच गया। इस तरह महज तीन दिनों में एक्यूआई में 44 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। मौसम में बदलाव से आने वाले दिनों में प्रदूषण के स्तर में कमी आने की उम्मीद है।