सिर से जुड़े दो जुड़वा बच्चों की सर्जरी कराने के लिए शुक्रवार को ओडिशा से एम्स लाया गया। बच्चों के नाम जगन्नाथ व बलराम हैं। एम्स के न्यूरो साइंस सेंटर के प्रमुख एकेमहापात्र ने बताया कि इलाज के लिए दोनों बच्चे एम्स पहुंचे हैं। इलाज शुरू करने से पहले उनके एमआरआई सीटी स्कैन समेत कई तरह के टेस्ट करवाए जाएंगे। रिपोर्ट के आधार पर इलाज की प्रक्रिया शुरू होगी।
चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह का मामला अपवाद स्वरूप ही आता है। इसकी सर्जरी प्रक्रिया भी काफी जटिल है। चिकित्सकों की मानें तो इस तरह के मामलों में सर्ववाइल की गुंजाइश बीस फीसदी तक होती है।
इसमें प्लास्टिक सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी, रेडियोलॉजी समेत दूसरे विभागों की चिकित्सकों की टीम के निरीक्षण में बच्चों का इलाज होगा। परिजनों ने बताया कि वह उम्मीद के साथ आए हैं। वह बहुत गरीब परिवार से हैं।
दिल्ली तक आने में उन्हें रेलवे से काफी मदद मिली। केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु को जब यह जानकारी मिली थी कि दोनों जुड़वां बच्चे भुवनेश्वर से दिल्ली आ रहे हैं तो रेल अधिकारियों को बच्चों को ट्रेन के अंदर मेडिकल मदद देने को कहा था। वहीं, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एम्स तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी रेलवे प्रशासन ने उठाई।