ऐसे काम करता है एप
एप में 15 दिन का रिकॉर्ड होता है। इसमें दिन में दो बार टिक के निशान को ओके करना होता है। बच्चा जब सुबह और शाम दोनों समय ब्रश करता है तो उसी समय टिक करते ही जानकारी एम्स के पास पहुंच जाती है। इस एप को कोई भी अपने फोन में अपलोड कर सकता है।
40 फीसदी बच्चों में दिक्कत
डॉ. बंसल ने कहा कि ब्रश न करना, खाने-पीने के समय व वस्तु को लेकर लापरवाही के कारण करीब 40 फीसदी छोटे बच्चों के दांत सड़ने लगते हैं। छोटे बच्चों के दांतों में कैविटी या सड़न होने लगती है। ऐसे बच्चों के माता-पिता को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जब बच्चे का पहला दांत निकलता है, तब से अभिभावकों को ब्रश करना शुरू कर देना चाहिए। ऐसे बच्चों के लिए एप में ब्रश करने की पूरी जानकारी है।
आठ माह के बच्चे के दांत में कीड़े
एम्स में इलाज के लिए आए आठ माह के एक बच्चे के दांत में सड़न देखी गई। डॉक्टरों का कहना है कि दांतों की कैविटी बच्चों पर तेजी से हमला कर रही है, लेकिन नवजात शिशु में दांतों की कैविटी का पता चलना चिंता का विषय होता है। मीठे पेय और बाहर मिलने वाले दूध से नुकसान होता है। यह बचपन में मोटापे का कारण भी बन सकते हैं। बोतल से दूध पिलाना भी एक कारण है। बच्चे दूध पीते समय सो जाते हैं, जिससे उनके मुंह में बैक्टीरिया बनने लगते हैं।