कोरोना वायरस के फैलते प्रकोप के मद्देनजर दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने बड़ा फैसला लिया है। एम्स ने अपने सभी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। मंगलवार से एम्स में नए या पुराने किसी भी मरीज का पंजीयन नहीं हो सकेगा। इससे पहले एम्स ने सभी अस्पतालों में तय ऑपरेशन को भी अगले आदेश तक रोक दिया था।
कोरोना वायरस से निपटने के लिए एम्स प्रबंधन की बैठकें लगातार जारी हैं। सोमवार को निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान ओपीडी पर रोक का फैसला लिया गया। हालांकि सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल ने फिलहाल ओपीडी पर रोक नहीं लगाई है।
एम्स के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर इस वक्त किसी भी स्थिति का आंकलन उचित नहीं है। एम्स में 10 हजार से ज्यादा मरीज रोज ओपीडी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में वायरस के संक्रमण की आशंका और बढ़ जाती है। इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए भीड़ जमा होने से रोकना सबसे जरूरी है। हालांकि एम्स ने आपातकालीन सेवाओं को जारी रखा है। प्रबंधन से जुड़े सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस से जुड़े सभी आदेश 31 मार्च तक लागू किए हैं, जबकि अब भी संक्रमित मरीजों के केस सामने आ रहे हैं। ऐसे में कयास हैं कि कोरोना वायरस का असर अप्रैल माह के पहले सप्ताह में भी देखने को मिल सकता है।