निदेशक को दी शिकायत में डॉक्टरों ने मुख्य रूप से चार मांगें की हैं। इनमें डॉ. अतुल कुमार को तत्काल सस्पेंड किया जाए, उनसे सुपरवाइजर का अधिकार वापस लिया जाए, लिखित में डॉक्टरों से माफी ली जाए और एम्स प्रबंधन को इस घटना के बाद फैकल्टी के लिए एक कोड ऑफ कंडक्ट बनाना चाहिए, ताकि फिर किसी भी रेजीडेंट डॉक्टर के साथ इस तरह का व्यवहार फैकल्टी सदस्य न करें।
15 डॉक्टरों के साथ गलत व्यवहार
एम्स आरडीए का कहना है कि आरपी सेंटर के करीब 15 रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ अब तक गलत व्यवहार किया जा चुका है। सीनियर डॉक्टर रेजीडेंट्स को परीक्षाओं में फेल करने की धमकियां देते हैं। आरडीए ने एम्स निदेशक से इस अन्याय को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
प्रबंधन चुप, नहीं दिया कोई जवाब
एम्स निदेशक की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई। वहीं आरपी सेंटर के प्रमुख डॉ. अतुल कुमार के ऑफिस में जब संपर्क किया, तो व्यस्तता का हवाला देकर जवाब देने की मनाही की।