देश में तेजी से बढ़ रही मोटापे की समस्या को देखते हुए मंगलवार को एम्स के विशेषज्ञों ने शोध के आधार पर अपनी बात रखी। एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने कहा कि मोटापा देश में तेजी से बढ़ती हुई समस्या है। यह देश में मरीजों का बोझ बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि शरीर की ऊंचाई के मुकाबले कमर की चौड़ाई आधी से ज्यादा है तो आप मोटापे के शिकार हैं। मोटापे के कारण शरीर को दूसरी कई बीमारियां हो सकती है। शोध बताते हैं कि बॉडी मास्क इंडेक्स (बीएमआई) सही होने के बाद भी मरीजों में मोटापे से होने वाले रोग के लक्षण दिखे हैं।
एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ नवल विक्रम ने कहा कि मौजूदा समय में बीएमआई को मोटापे का आधार नहीं माना जा सकता। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। ऐसे में सभी के लिए एक आधार संभव नहीं। पेट पर बढ़ने वाला मोटापा समस्या का कारण बन रहा है। इसे देखते हुए आधार बनाया है कि यदि कुल लंबाई की मुकाबले कमर की चौड़ाई आधी से ज्यादा है तो उसे मोटापे की समस्या है। मोटापे के कारण दिल, किडनी, लिवर सहित दूसरे अंगों पर गंभीर असर होता है। यह ऐसा रोग है जिसे सुधरा जा सकता है। यदि बच्चों में मोटापा दिखता है तो यह जेनेटिक होगा।
दिल पर बोझ बढ़ा रहा
एम्स में कार्डियोलॉजी के प्रमुख डॉ. आर. नारंग ने कहा कि मोटापे की समस्या गांव तक पैर पसार रही है। पेट पर बढ़ने वाले मोटापा को विशेष ध्यान देना चाहिए। शोध में पाया गया है कि वजन कम कर उच्च रक्तचाप के स्तर को सुधारा जा सकता है। ब्लड में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा के साथ हार्ट फेलियर से भी बच सकते हैं। मोटापे के कारण कैंसर, मधुमेह, सहित मेटाबोलिक सिंड्रोम होने की आशंका रहती है। डॉ. नितीश नाइक ने कहा कि यह दुखद है कि आसपास जंग फूड तो आसानी से मिल जाएगा, लेकिन स्वस्थ खाना नहीं मिलेगा। यह खराब जीवन शैली को बढ़ाता है।
मोटापे से बढ़ती है मानसिक समस्या
मनोरोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. नंद कुमार ने कहा कि मोटापा मानसिक रोग का भी बढ़ा कारण है। बाल के सैंपल की जांच कर कई तरह की समस्या को पता लगाया जा सकता है। देखा गया है कि मानसिक समस्या के दौरान कॉर्टिसोल 16 बढ़ता है तो मोटापा का कारण बनता है।
56 फीसदी रोग का कारण मोटापा
एम्स के मुख्य आहार विशेषज्ञ डॉ. परमीत कौर ने कहा कि डाइटरी गाइडलाइंस 2024 से पता चलता है कि 56 फीसदी रोगों का कारण मोटापा है। इस समस्या को खाने की आदत से सुधार सकते हैं। यदि हम प्रोटिन की मात्रा बढ़ाते हैं। शरीर की मांग के आधार पर उचित भोजन खाते हैं तो समस्या दूर हो सकती है। वहीं डॉ. मोनिका ने कहा कि लोग केवल पेट भर नहीं है। मांग के आधार पर खाना नहीं खा रहे। गांव में पहले नियम के तहत भोजन करते थे, लेकिन अब वहां भी समस्याएं बढ़ रही है। लोगों को आईसीएमआर की गाइड लाइन के आधार पर भोजन लेना चाहिए जो मोटापे दूर कर सकता है।
योग और सर्जरी भी मददगार
एम्स के एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर डॉ. रीमा दादा ने कहा कि योग की मदद से मोटापे को दूर किया जा सकता है। योग शरीर में कई बदलाव ला सकता है। वही सर्जरी विभाग के डॉ. असुरी कृष्णा ने कहा कि सर्जरी से भी मोटापे का इलाज हो सकता है। लेकिन यह अंतिम विकल्प है।