स्कूलों में दसवीं-बारहवीं व अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में बच्चों में परीक्षा का तनाव होना स्वाभाविक है। ‘कॉम’ (कनेक्टिविटी, एक्टिविटी, लर्निंग न्यू थिंग्स, माइंडफुलनेस थिंग) का मंत्र परीक्षा के तनाव को दूर कर सकता है। मोती बाग स्थित नानकपुरा के सर्वोदय स्कूल में मंगलवार को एम्स के मनोवैज्ञानिक प्रो. नंद कुमार ने छात्रों को तनाव मुक्त रहने के मंत्र दिए। उन्होंने कहा किि इस मंत्र का प्रतिदिन अभ्यास करें।
तनाव होने पर उसे स्वीकारना, सही खान-पान, सोशल मीडिया से दूरी चिंता व तनाव को दूर करने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं। सरकारी स्कूलों के बच्चों में परीक्षा के तनाव को कम कर उसे आसान बनाने के लिए एक एक संवाद सत्र का आयोजन किया गया। सभी सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए शिक्षा निदेशालय ने इसका वेबकॉस्ट किया। इस सत्र में मनोवैज्ञानिक प्रो नंद कुमार ने बच्चों को कॉम का मंत्र दिया। चार अक्षरों को उन्होंने अलग-अलग तरीके से परिभाषित किया।
क्या है कॉम
सी (कनेक्टिविटी) : परीक्षा की तैयारी के समय बोरियत होने पर तनाव हावी होने लगता है। ऐसे में अपने को किसी न किसी से कनेक्ट(जोड़े) करें। खासकर उन लोगों से बात करें, जिनसे उन्हें बात करके अच्छा लगता है।
ए (एक्टिविटी) : तनाव व चिंता होने पर अपने को किसी न किसी एक्टिविटी से जोड़ें। वह छात्र की कोई हॉबी भी हो सकती है। एक्टिविटी से जुडऩे पर शरीर में खून का संचार बढ़ेगा और दिमाग लचीला होगा।
एल (लर्निंग न्यू थिंग्स) : तनाव मुक्त होने के लिए नई-नई चीजें सीखें। यह पढ़ाई के दौरान बच्चों की चिंता व तनाव को कम करने में मददगार बनेगा। नई चीजें सीखने से दिमाग भी सक्रिय होगा।
एम (माइंडफुल नेस थिंग्स) : माइंडफुलनेस थिंग्स में गहरी लंबी श्वास लें। तीन बार भरपेट सांस लेंगे तो तनाव कम हो जाएगा। इस मंत्र का प्रतिदिन अभ्यास अनिवार्य रूप से करें।
अभिभावक बच्चे को सुने व समझें : बच्चे के तनाव को कम करने में अभिभावक व शिक्षक काफी अहम भूमिका निभा सकते हैं। वह बच्चे को सुने व समझें। बच्चे से संवाद करें। अभिभावकों की हर बात को बेकार न समझें। अभिभावक और बच्चे के बीच एक सामंजस्य होना जरूरी है।
सोशल मीडिया से बनाएं दूरी
सोशल मीडिया समाज से दूरी बनाने का जरिया बन रहा है। लिहाजा इससे दूरी जरूर से बनाए। हो सके तो परीक्षा शुरू होने से पहले से बाद तक इसे हटा दें। फेसबुक व इंस्टा पर रील बनाएंगे या देखेंगे तो तनाव बढ़ेगा। दिमाग में जानकारी का ओवरलोड होने पर तनाव बढ़ेगा।
खान-पान का ध्यान रखें
तनाव कम करने में सही खान-पान भी मायने रखता है। वसा वाली चीजें न खाएं, हल्का खाना खाएं, प्रोटीन लें। ओमेगा थ्री फैटी एसिड वाला खाना खाएं। इसमें अखरोट व अलसी वाले बीज शामिल किए जा सकते हैं। ज्तनाव होगा तो दिल की धड़कन बढ़ेगी, घबराहट , हाथ में कंपन व सिर दर्द होगा।