वेटिंग, वेटिंग और सिर्फ वेटिंग। कुछ इसी तरह का हाल है देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स का। चार माह की बच्ची को दिल का ऑपरेशन कराने के लिए पांच वर्ष की डेट मिलती है। जबकि अब कैंसर पीड़ित मरीजों को रेडियोथैरेपी कराने के लिए डेढ़ वर्ष बाद अस्पताल आने की सलाह दी गई है।
एक ओर केंद्र सरकार हर साल कैंसर की वजह से बढ़ रही मौतों को नियंत्रण में लाने का प्रयास कर रही है। वहीं, एम्स में कैंसर मरीजों की लंबी वेटिंग ने डॉक्टरों को भी परेशानी में डाल दिया है।
इनकी मानें तो सरकार की लापरवाही और मंत्रियों की वजह से मरीजों को बगैर उपचार घर भेजने जैसा पाप करना पड़ रहा है। इन सब के बीच शुक्रवार को इलाज कराने पहुंची एक बुजुर्ग महिला का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
बुजुर्ग महिला बता रही है कि वह कई महीने से कैंसर की बीमारी से ग्रस्त है। जगतपुर निवासी शकुंतला देवी का कहना है कि उन्हें रेडियोथैरेपी कराने के लिए दिसंबर 2019 की डेट मिली है। गरीबी के बोझ से दबी शकुंतला डॉक्टरों के आगे अपनी लाचारी भी जताती है लेकिन उसकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं।