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एम्स बना वेटिंग अस्पताल : रेडियोथैरेपी के लिए डेढ़ साल तो हार्ट सर्जरी के लिए 5 साल का इंतजार

Sat, 16 Jun 2018 02:17 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एम्स - फोटो : अमर उजाला
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वेटिंग, वेटिंग और सिर्फ वेटिंग। कुछ इसी तरह का हाल है देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स का। चार माह की बच्ची को दिल का ऑपरेशन कराने के लिए पांच वर्ष की डेट मिलती है। जबकि अब कैंसर पीड़ित मरीजों को रेडियोथैरेपी कराने के लिए डेढ़ वर्ष बाद अस्पताल आने की सलाह दी गई है।

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एक ओर केंद्र सरकार हर साल कैंसर की वजह से बढ़ रही मौतों को नियंत्रण में लाने का प्रयास कर रही है। वहीं, एम्स में कैंसर मरीजों की लंबी वेटिंग ने डॉक्टरों को भी परेशानी में डाल दिया है।

इनकी मानें तो सरकार की लापरवाही और मंत्रियों की वजह से मरीजों को बगैर उपचार घर भेजने जैसा पाप करना पड़ रहा है। इन सब के बीच शुक्रवार को इलाज कराने पहुंची एक बुजुर्ग महिला का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
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बुजुर्ग महिला बता रही है कि वह कई महीने से कैंसर की बीमारी से ग्रस्त है। जगतपुर निवासी शकुंतला देवी का कहना है कि उन्हें रेडियोथैरेपी कराने के लिए दिसंबर 2019 की डेट मिली है। गरीबी के बोझ से दबी शकुंतला डॉक्टरों के आगे अपनी लाचारी भी जताती है लेकिन उसकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं।

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गरीबों के मसीहा हैं मोदी, मेरी भी सुनेंगे

दिल्ली के एम्स में कैंसर मरीज शकुंतला का वायरल वीडियों में अपना दर्द वयां करती - फोटो : अमर उजाला
वीडियो में 63 वर्षीय शकुंतला कहती हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों के मसीहा हैं। वे हमेशा गरीबों की सुनते हैं। मेरी भी सुनेंगे। (रोते हुए) उन्होंने एम्स के वेटिंग सिस्टम को ठीक करने और अपना इलाज जल्द से जल्द कराने की अपील भी की है।       

एम्स के डॉक्टर खफा, सिस्टम पर निकाला गुस्सा
एम्स के एक सीनियर रेजीडेंट ने बताया कि वेटिंग का यह सिलसिला अब उन्हें शर्मिंदगी महसूस कराने लगा है। एम्स आने के बाद जब मरीज को डेट मिलती है तो वह डॉक्टर को कसूरवार मानता है। जबकि डेट देने से डॉक्टर का कोई लेनादेना नहीं होता। खराब प्रबंधन और सरकार की नीतियों का खामियाजा डॉक्टरों को भुगतना पड़ रहा है। उधर, वेटिंग के मसले पर एम्स प्रबंधन की ओर से प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही।       
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