एम्स ने नर्सिंग कर्मियों की अध्ययन अवकाश की मंजूरी के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए है। इस संबंध में एम्स ने सर्कुलर जारी किया है। इसके तहत अध्ययन अवकाश के लिए आवेदन की सूचना दो हफ्ते पहले देनी होगी। केंद्र से एक समय पर एक फीसदी से अधिक को लीव आवंटित नहीं की जाएगी। लंबे समय से सेवा देने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। संबंधित विभाग को खुद से संसाधनों का प्रबंधन करना होगा।
अवकाश के लिए आवेदन करने वाले कर्मी को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर आठ लाख रुपये का बॉड देना होगा। अवकाश से लौटने के बाद संस्थान में दोबारा कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से न्यूनतम पांच वर्ष की अवधि के लिए संस्थान में सेवा करने के लिए बाध्य होगा। अगर सेवा करने में विफल, अध्ययन अवकाश की अवधि के बाद या ड्यूटी पर लौटने के पांच वर्ष के भीतर ड्यूटी पर वापस आए बिना त्यागपत्र और सेवानिवृत्त हो जाता है।
साथ ही अध्ययन पाठ्यक्रम को पूरा करने में विफल तो उसे संस्थान को पूरी बॉन्ड राशि का भुगतान करना होगा। एम्स ने अध्ययन अवकाश के लिए वास्तविक समय निगरानी के लिए डैशबोर्ड विकसित करने के निर्देश दिए है। जिससे अवकाश आवेदन प्रक्रिया की निगरानीन और पारदर्शिता बनी रहे।