जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही फरीदाबाद की तीन माह की मासूम के दिल के छेद को बंद करने के लिए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने ऑपरेशन के लिए छह साल बाद की तारीख दी है।
बच्ची के इलाज की चिंता में परिजन दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गए हैं। ऐसे में एक गैर सरकारी संस्था ने मदद का हाथ आगे बढ़ाते हुए इंसानियत की मिसाल पेश की है। संस्था की मदद से बच्ची को मंगलवार को शहर के मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
जहां वह उपचाराधीन है। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि फरीदाबाद निवासी अजय कुमार की तीन माह की बेटी नैनसी के दिल में छेद है।
चिकित्सक इसे लार्ज वीएसडी व पल्मनरी आर्टरी हाईपरटेंशन कहते हैं। परिजनों ने बच्ची को एम्स अस्पताल में दिखाया। जहां डॉक्टरों ने बच्ची की ईको, एक्स-रे, ब्लड टेस्ट आदि जांच करवाने को कहा।