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10 दिन में दूसरी घटना: एम्स में लगी आग, नौ घंटे तक आपातकालीन विभाग के बाहर ही चला मरीजों का इलाज

Mon, 28 Jun 2021 06:48 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

हालांकि, आग के बाद इमरजेंसी विभाग में भर्ती मरीजों का करीब 9 घंटे तक विभाग के बाहर खुले आसमान के नीचे ही इलाज किया गया। इनमें से गंभीर मरीजों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है।
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एम्स में आग के बाद बाहर ही हुआ मरीजों का इलाज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एम्स के इमरजेंसी वार्ड(मेडिसन) में सोमवार सुबह पांच बजे आग लग गई। कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। इस दौरान इमरजेंसी के अंदर मौजूद मरीजों को बाहर निकाल दिया गया। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

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हालांकि, आग के बाद इमरजेंसी विभाग में भर्ती मरीजों का करीब 9 घंटे तक विभाग के बाहर खुले आसमान के नीचे ही इलाज किया गया। इनमें से गंभीर मरीजों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। खबर लिखे जाने तक इमरजेंसी विभाग में मरीजों का इलाज शुरू नहीं हो सका है। 

अग्निशमन विभाग के मुताबिक, सुबह पांच बजे एम्स में आग कि सूचना मिली थी। तुरंत मौके पर सात गाडियों को भेजा गया। आग इमरजेंसी वार्ड के अंदर बने स्टोररूम में लगी थी, जिसपे समय रहते काबू पा लिया गया। पुलिस का कहना है कि आग लगने के कारणों कि जांच कि जा रही है।
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प्रथम दृष्टया इसका कारण शार्ट सर्किट लग रहा है। एम्स में यह 10 दिन में आग कि दूसरी घटना है। इससे पहले 17 जून को एम्स की नौंवी मंजिल पर आग लग गई थी। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की सुझबूझ से आग पर काबू पा लिया गया था। सोमवार को हुई घटना के बाद मरीजों को भी काफी परेशानी हुई। इन रोगियों का घंटो खुले आसमान में कड़ी धूप में ही उपचार किया गया।

अस्पताल के गार्डों ने दिखाई दिलेरी
आग लगने के बाद सबसे पहले मौके पर अस्पताल के गार्ड पहुंचे थे। अग्निशमन विभाग कि गाडियों के आने से पहले गार्डों ने ही आग पर काबू पाने की कोशिश की और समय रहते मरीजों को बाहर निकाला। इस दौरान सुरक्षा गार्डों ने अपनी जान कि परवाह भी नहीं की, जबकि एक समय ऐसा भी था जब मुख्य इमरजेंसी विभाग के प्रवेश द्वार पर भीषण आग लग गई थी,लेकिन गार्डों ने उसपर काबू पाने के लिए पूरी जान लगा दी थी। कुछ ही देर बाद अग्निशमन विभाग के कर्मचारी पर मौके पर पहुंच गए थे। गार्डों कि दिलेरी से मरीजों का जान बच गई।

सफदरजंग कि कैंटिन में भी लगी आग
सफरजंग अस्पताल में भी कैंटिन के पास सुबह आठ बजे आग लग गई थी, हालांकि यह काफी मामूली थी, जिसपर कुछ समय में ही काबू पा लिया गया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। 

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