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हड़ताल पर जा सकते हैं एम्स के डॉक्टर!

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के आपातकालीन विभाग में रविवार को डॉक्टर और तिमारदारों की भिड़ंत हो गई। चिकित्सकों के साथ मारपीट के बाद पूरे दिन हंगामे के चलते चिकित्सा सेवा प्रभावित रही।
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इस बीच डॉक्टरों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। रविवार होने के चलते आपातकालीन विभाग की सेवाओं पर ही असर पड़ा। यदि सोमवार को स्थिति सामान्य नहीं हुई तो मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिशन (आरडीए) ने औपचारिक हड़ताल की घोषणा नहीं की है, लेकिन चिकित्सक अनमने तरीके से मरीजों को देख रहे हैं। देर रात तक आरडीए प्रतिनिधियों की बैठकें जारी थीं, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा चलती रही। इस संबंध में एम्स प्रशासन की शिकायत पर हौज खास पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हंगामा करने वालों में एक कांग्रेस का स्थानीय नेता बताया जा रहा है।
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तीन रेजिडेंट डॉक्टरों को लगी चोट

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार तड़के पिलंजी गांव के कुछ लोग एक मरीज को लेकर आपातकालीन विभाग में इलाज के लिए आए थे। वहां किसी बात को लेकर मरीज के तीमारदार और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों के बीच कहासुनी हो गई।

इसके बाद वहां मौजूद गार्ड तीमारदार को बाहर करने लगे। इसी बात पर तीमारदार भड़क गए और रेजिडेंट डॉक्टर से मारपीट करने लगे। मारपीट में तीन रेजिडेंट डॉक्टरों को चोर्ट आइं है। इसमें एक डॉक्टर की नाक की हड्डी टूट गई है।

जब तक गार्ड और सुरक्षाकर्मी मारपीट करने वाले लोगों को पकड़ पाते, तब तक वे वहां से भाग निकले। घटना के बाद एम्स आपातकालीन विभाग के सामने हंगामा मच गया और काफी संख्या में पुलिस और एम्स के सुरक्षाकर्मी वहां तैनात कर दिए गए। इस दौरान आपातकालीन विभाग में इलाज कराने आए मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने की मांग

आरडीए और एम्स-प्रशासन के बीच इस घटना को लेकर बातचीत हुई। इसमें आरडीए के महासचिव डॉ. शशांक पूनिया ने कहा कि  सुरक्षा के लिए आपातकालीन विभाग में हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाए और प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर गेट लगाए जाएं। जिस डॉक्टर के साथ मारपीट हुई है, उन्हें विशेष सुरक्षा देने की मांग की गई।

एम्स सूत्रों का कहना है कि रविवार तड़के आपातकालीन विभाग में हुई वारदात के समय एक व्यक्ति हथियार लेकर प्रवेश कर गया था। उधर, इस मामले में हौज खास पुलिस ने सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज कर अमित, सुमित और उनके पिता सतपाल को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि एम्स-प्रशासन से घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज मांगा गया है। जांच करने के बाद घटना की सही जानकारी मिल सकेगी, क्योंकि तीमारदारों का आरोप है कि पहले डॉक्टर के कहने पर गार्ड ने उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू की थी।

एम्स के मीडिया कमेटी चेयरमैन डॉ. नीरजा भाटला ने बताया कि आपातकालीन विभाग में तीमारदार ने रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ मारपीट की थी। इसके बाद कुछ समय के लिए चिकित्सा सेवा पर मामूली असर पड़ा, लेकिन किसी तरह की हड़ताल नहीं की गई है। हड़ताल के संबंध में किसी तरह का नोटिस भी रेजिडेंट डॉक्टरों की ओर से नहीं आया है।
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