एम्स के एससी-एसटी और ओबीसी सेल ने जारी किया ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कर्मचारियों के साथ हर हाल में समानता, सम्मानपूर्वक और संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करने का निर्देश जारी किया है। एम्स के एससी-एसटी और ओबीसी सेल से जारी तीन अलग-अलग ज्ञापनों में स्पष्ट किया गया है कि कार्यस्थल पर जातिगत भेदभाव, अपमानजनक टिप्पणी, उत्पीड़न या डराने-धमकाने जैसी हरकतें पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। संस्थान ने इन नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। साथ ही कहा है कि जरूरत पड़ने पर संबंधित कानूनों के तहत मामला भी दर्ज किया जा सकता है।
प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य कार्यस्थल पर एक सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव-मुक्त वातावरण तैयार करना है, जहां सभी कर्मचारी बिना किसी डर या दबाव के काम कर सकें।