एम्स सुरक्षाकर्मिओं ने तिमारदारों को पीटा
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तिमारदारों पर लाठी और डंडे बरसाने के बाद देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान का प्रबंधन कटघरे में आ गया है। सोमवार को प्रबंधन की ओर से सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। इसके बाद एम्स ट्रामा सेंटर से सुरक्षागार्ड भी बदल दिए। ट्रामा सेंटर के प्रवेश द्वार से लेकर अन्य जगहों पर नए सुरक्षा गार्डों को तैनात कर दिया है।
हालांकि दूसरी ओर एम्स के डॉक्टर सुरक्षागार्डों के पक्ष में भी नजर आ रहे हैं। इन डॉक्टरों का मानना है कि एम्स में आए दिन तिमारदार मारपीट करने के लिए उतारु रहते हैं। ऐसे में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। उधर प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार ट्रामा सेंटर से फिलहाल बाउंसर भी हटा दिए हैं। मामले की जांच के लिए प्रबंधन की ओर से एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन भी किया है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पांच सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल एम्स में दो तरह के सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। निजी कंपनी के इन कर्मचारियों को अस्पताल परिसर से लेकर आवासीय इलाकों तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी हुई है। पिछले कुछ समय से एम्स में डॉक्टरों के मोबाइल, लैपटॉप चोरी होने के अलावा आवासीय क्षेत्र में भी चोरियां बढने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में डॉक्टर भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते आए हैं। बीते रविवार तिमारदारों से नोंकझोक के बाद लाठी और डंडे से एम्स के करीब दो दर्जन सुरक्षा गार्ड और बाउंसरों के आतंक का वीडियो भी वायरल हुआ। पुलिस ने चार सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार भी किया है। साथ ही महिला तिमारदार से छेड़छाड़ का मुकदमा भी दर्ज किया है। बावजूद इसके घटना के बाद एम्स सुरक्षागार्डों के पक्ष में दिखाई दिया। सोमवार को प्रबंधन की ओर से जांच कमेटी के गठन और सुरक्षा गार्डों में फेरबदल करने की जानकारी मिली।
पीड़ित का टूटा हाथ, सिर में आए टांके
इस पूरी घटना में पीड़ित पिता को काफी चोटें आई हैं। उनका हाथ टूट गया है। सिर में टांके आए हैं। वहीं उनके बेटे के सिर में भी कई टांके आए हैं। उनकी बच्ची का उपचार अभी भी एम्स ट्रामा सेंटर में चल रहा है। बीते सोमवार छत से नीचे गिरने के कारण बच्ची चोटिल हुई थी, जिसके कारण उसे एम्स ट्रामा सेंटर लाया गया था।