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स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां तेज: लाल किला पर चेहरा-गाड़ी और भीड़, इन सब पर होगी एआई की पैनी नजर

Wed, 15 Jul 2026 09:04 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस स्वतंत्रता दिवस सुरक्षा में पहली बार एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स का उपयोग करेगी। 1200 से अधिक आईपी सीसीटीवी कैमरे संदिग्धों, वाहनों, भीड़ व लावारिस वस्तुओं पर नजर रखेंगे।
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स्वतंत्रता दिवस 2026 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वतंत्रता दिवस समारोह की सुरक्षा व्यवस्था इस बार केवल सीसीटीवी कैमरों तक सीमित नहीं रहेगी। दिल्ली पुलिस पहली बार बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित वीडियो एनालिटिक्स तकनीक का उपयोग करेगी। इसके जरिए संदिग्ध चेहरों की पहचान, वाहनों के नंबर प्लेट की जांच, भीड़ की निगरानी, लावारिस वस्तुओं का पता लगाने और प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसपैठ की तत्काल जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी। इसके लिए राजधानी के संवेदनशील इलाकों में 1200 से अधिक आईपी आधारित सीसीटीवी कैमरे और एआई फीचर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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यहां लगाए गए सबसे अधिक 560 कैमरे
अधिकारियों के अनुसार, उत्तरी, मध्य, उत्तर-पश्चिम, नई दिल्ली जिले और सुरक्षा इकाई में अस्थायी रूप से कैमरे लगाए जाएंगे। सबसे अधिक 560 कैमरे उत्तरी जिले में लगाए जाएंगे, जबकि मध्य जिले में 354, उत्तर-पश्चिम जिले में 96, नई दिल्ली जिले में 120 और सुरक्षा इकाई के लिए 85 कैमरों की व्यवस्था की जाएगी। इन कैमरों के साथ जरूरत के अनुसार विभिन्न एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स फीचर भी सक्रिय किए जाएंगे।

सुरक्षा व्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम होगा, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा सकेगी। इसके अलावा नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) के माध्यम से वाहनों की निगरानी होगी। एबैंडन्ड ऑब्जेक्ट डिटेक्शन किसी सार्वजनिक स्थान पर लावारिस बैग या संदिग्ध वस्तु छोड़े जाने पर तुरंत अलर्ट देगा। वहीं, ट्रिप वायर और परिमीटर इंट्रूजन डिटेक्शन प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी के प्रवेश करते ही सुरक्षा कर्मियों को सूचना देगा। 

पीपल काउंटिंग तकनीक भीड़ का वास्तविक समय में आकलन कर भीड़ प्रबंधन में मदद करेगी। लगाए जाने वाले सभी कैमरों को एसटीक्यूसी प्रमाणित होना होगा और वे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा निर्धारित साइबर सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे। कुल कैमरों में 80 प्रतिशत दो मेगापिक्सल और 20 प्रतिशत चार मेगापिक्सल कैमरे होंगे। चार मेगापिक्सल कैमरे रणनीतिक और अत्यधिक संवेदनशील स्थानों पर लगाए जाएंगे।

दिल्ली पुलिस के अनुसार अलग-अलग जिलों में सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से कैमरे 30 जुलाई से 16 अगस्त के बीच विभिन्न अवधि के लिए लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य लाल किला, वीवीआईपी मार्गों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाना है।
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एक साथ कई कार्य करेंगे एआई कैमरे 
एआई कैमरों संदिग्ध चेहरों की पहचान करेंगे। साथ ही वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ेंगे। एआई कैमरे लावारिस बैग या वस्तु का पता लगाएंगे। प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसपैठ पर तुरंत अलर्ट देंगे कैमरे। भीड़ की वास्तविक समय में गणना करेंगे। संवेदनशील स्थानों की हाई-रिजॉल्यूशन निगरानी करेंगे।
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