अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बांझपन के उपचार के क्षेत्र में एक नई पहल के तहत निजी क्लीनिक श्रृंखला ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीक की शुरुआत की है। इस उन्नत प्रणाली के जरिए इलाज की सटीकता और सफलता दर बढ़ाने का दावा किया गया है।
कंपनी के अनुसार, नियमित चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में अत्याधुनिक भ्रूण विज्ञान उपकरणों को शामिल किया गया है, जिससे इन-विट्रो निषेचन (आईवीएफ) प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी। एआई तकनीक विशेष रूप से शुक्राणुओं के चयन और भ्रूण की गुणवत्ता के आकलन में मदद करती है, जिससे बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है। यह तकनीक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के सहयोग से विकसित की गई है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर की सुविधाओं को देश में उपलब्ध कराना है। कंपनी की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मणिका खन्ना ने बताया कि एआई के उपयोग से न केवल सफलता दर में सुधार होगा, बल्कि उपचार प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीक पूर्वानुमान भी संभव हो सकेगा।