तीसरे दिन भारत मंडपम में जमकर भीड़ उमड़ी। मेडिकल, एग्रीटेक, वेब डिजाइन और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अपना उद्यम शुरू करने वाले स्टार्टअप्स, छात्र, उद्यमी सभी यहां पहुंचकर कुछ नए की तलाश कर रहे हैं।
एआई इम्पैक्ट समिट में रोबोटिक्स, कोडिंग, चैटबॉट जैसे आधुनिक नवाचार सीखने का जुनून बढ़ता ही जा रहा है। तीसरे दिन हुई रिमझिम बारिश भी युवाओं के हौसले को कम नहीं कर पाई। भारत मंडपम में जमकर भीड़ उमड़ी। मेडिकल, एग्रीटेक, वेब डिजाइन और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अपना उद्यम शुरू करने वाले स्टार्टअप्स, छात्र, उद्यमी सभी यहां पहुंचकर कुछ नए की तलाश कर रहे हैं।
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उद्यमी वर्ग एआई को खतरे के रूप में नहीं, बल्कि एक अवसर के रूप में देख रहे हैं। एआई के साथ आगे बढ़ने की कोशिश में लगे हैं। एआई के क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करना चाहते हैं। भारत को तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में सशक्त बनाना चाहते हैं। युवा वर्ग एआई का उपयोग सीखकर कंटेंट क्रिएटर के क्षेत्र में बेहतर करना चाहते हैं।
क्रिएटिविटी के जरिए लोगों को इंफ्लूएंस करना चाहते हैं। खुद का वेबसाइट और ऐप्स बनाना चाहते हैं। युवाओं का कुछ वर्ग एआई सीखकर रोजगार की तलाश कर रहे हैं। ताकी वह समय के साथ खुद को बदल सके और समय के साथ चल सके। युवाओं का कहना है कि एआई आने वाले समय में जटिल कामों को और आसान बना देगा। जो एआई के साथ नहीं चलेंगे वह बहुत ही पीछे छुट जाएंगे। वहीं, उद्यमी वर्गों का कहना है कि एआई विकास की जरूरत बन गया है।