दफ्तर जाने की जल्दी में टैक्सी या बाइक वालें को बार-बार कॉल करके पूछने से कई बार जवाब मिलता था कि उड़कर आ जाऊं क्या...। अब यह सच होने वाला है। क्योंकि तकनीक इतनी आगे जा चुकी है कि आने वाले वक्त में आप खुद कहेंगे सड़क से नहीं, हवा में उड़कर आ रहा हूं। दरअसल, भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई समिट में इस बार ऐसी उड़न गाड़ी दिखाई गई जिसने लोगों को हैरान कर दिया। हॉल नंबर चार में भीड़ के बीच एक छोटी, हल्की और पूरी तरह बिजली से चलने वाली हवाई टैक्सी का मॉडल प्रदर्शित किया गया। कंपनी का दावा है कि यह उड़न टैक्सी शहर के जाम को खत्म कर सकती है।
हवाई टैक्सी की खासियत
किसने बनाई यह उड़न गाड़ी?
यह परियोजना भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास से जुड़ी एक कंपनी ने तैयार की है। कंपनी का लक्ष्य है कि शहरों में लोगों का सफर आसान और तेज बनाया जाए। कंपनी के पास इस तकनीक से जुड़े कई पेटेंट हैं और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से विशेष स्वीकृति भी मिल चुकी है। उड़न टैक्सी के परीक्षण और अंतिम प्रमाणन की प्रक्रिया जारी है।
क्यों है यह जरूरी?
कंपनी के वरिष्ठ कर्मचारी ने बताया, कि बढ़ते शहरों में जाम और वायु प्रदूषण बड़ी समस्या बन गए हैं। दफ्तर जाने-आने में घंटों का समय बर्बाद होता है। अगर यह उड़न टैक्सी आम लोगों तक पहुंचती है, तो समय की बचत होगी, प्रदूषण घटेगा और आपातकालीन सेवाएं तेज होंगी। शुरू में इसे प्रशिक्षित पायलट उड़ाएंगे। आगे चलकर नियमों की अनुमति मिलने पर इसे बिना पायलट के भी संचालित करने की योजना है। हालांकि यह तकनीक अभी परीक्षण चरण में है, लेकिन अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो आने वाले वर्षों में महानगरों के आसमान में छोटी-छोटी उड़न टैक्सियां दिख सकती हैं।