आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में जनरेटिव एआई के दुरुपयोग विशेषकर डीपफेक ने चिंता बढ़ा दी है। इसी चिंता को दूर करने के लिए जापान की टेक कंपनी ने भारत के साथ मिलकर दुनिया की पहली ऐसी जनरेटिव एआई ऑडिटिंग तकनीक विकसित करने का दावा किया है, जो एआई के जवाबों की जांच कॉरपोरेट और कानूनी नियमों के अनुरूप कर सकती है।
डीपफेक के खिलाफ कैसे मददगार?
डीपफेक तकनीक में एआई का उपयोग कर असली दिखने वाले नकली वीडियो या ऑडियो तैयार किए जाते हैं। नई ऑडिटिंग प्रणाली के जरिए एआई द्वारा इस्तेमाल किए गए नॉलेज ग्राफ और इनपुट डेटा का विश्लेषण करती है। वीडियो या इमेज आधारित निष्कर्षों की सत्यता की जांच करती है।
साथ ही विसंगतियों को स्पष्ट और समझने योग्य रूप में सामने लाती है। इस तकनीक का परीक्षण ट्रैफिक उल्लंघन पहचान के मामले में किया गया, जहां सिस्टम ने यह दिखाया कि जनरेटिव एआई ने कानून से जुड़े कौन-से ज्ञान और किस इमेज एरिया पर ध्यान केंद्रित किया।