नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने भाजपा और आम आदमी पार्टी पर यमुना सफाई के मुद्दे पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दिल्ली में वर्तमान भाजपा सरकार और पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी सरकार ने यमुना सफाई के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन यमुना का पानी अब भी गंभीर रूप से दूषित है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने शुरू कराए गए अध्ययन में यमुना नदी और भूजल में माइक्रोप्लास्टिक कणों की चिंताजनक मात्रा पाई गई है।
यादव के अनुसार, आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने कार्यकाल में यमुना सफाई पर 6800 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा किया था, जबकि भाजपा सरकार ने एक वर्ष में 500 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बावजूद नालों से अनुपचारित सीवर सीधे यमुना में गिर रहा है। अध्ययन में मानसून से पहले यमुना में पांच मिमी से छोटे माइक्रोप्लास्टिक कणों का औसत 6,375 कण प्रति घन मीटर पाया गया, जो मानसून के बाद घटकर 3,080 कण प्रति घन मीटर रहा। भूजल के 42 नमूनों में भी लगभग 1,200 कण प्रति घन मीटर की उपस्थिति दर्ज की गई।
उन्होंने कहा कि नजफगढ़, शाहदरा, तिलक नगर, साकेत, वसंत कुंज, कालकाजी, करोल बाग, नारायणा, आईटीओ बैराज, ओखला, गाजीपुर और भलस्वा जैसे क्षेत्रों में माइक्रोप्लास्टिक की अधिक सांद्रता मिली है। ये इलाके घनी आबादी, औद्योगिक गतिविधियों और लैंडफिल साइटों के कारण अधिक प्रभावित हैं। देवेन्द्र यादव ने चेतावनी दी कि माइक्रोप्लास्टिक कण पानी, भोजन और हवा के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश कर कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा रहे हैं। उन्होंने केंद्र और दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया कि यमुना सफाई केवल घोषणाओं तक सीमित है, जबकि दिल्लीवासियों का स्वास्थ्य दांव पर लगा है।