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Delhi NCR News: एआई आधारित स्मार्ट दृष्टि चश्मों से मिलेगी दृष्टिबाधितों को नई राह

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-एम्स नई दिल्ली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्मार्ट दृष्टि चश्मों का वितरण हुआ
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
दृष्टिबाधित लोगों के जीवन को आसान और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बुधवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्मार्ट दृष्टि चश्मों का वितरण किया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के डॉ. आरपी सेंटर द्वारा रोटरी जिला 3012, स्वयं सहायता समूह और विजन-एड के सहयोग से आयोजित किया। इन स्मार्ट चश्मों में उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया है, जो उपयोगकर्ता को आसपास के वातावरण की जानकारी ध्वनि के माध्यम से प्रदान करते हैं। यह उपकरण लिखे हुए पाठ को पढ़कर सुनाने, चेहरे और वस्तुओं की पहचान करने, रास्ता बताने, बाधाओं का पता लगाने और आपात स्थिति में सहायता देने में सक्षम हैं। इससे दृष्टिबाधित व्यक्तियों को दैनिक जीवन में अधिक आत्मविश्वास और स्वतंत्रता मिलती है।
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कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि देश में बड़ी संख्या में लोग ऐसी दृष्टिबाधिता से जूझ रहे, जिसका इलाज संभव नहीं है, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन पर भी गहरा असर पड़ता है। ऐसे में यह तकनीक उनके लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। डॉ. आरपी सेंटर में सामुदायिक नेत्र विज्ञान की प्रभारी प्रोफेसर प्रो. राधिका टंडन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सहायक तकनीक लोगों की निर्भरता को कम कर उनकी स्वायत्तता को बढ़ाती है। इन चश्मों के उपयोग से शिक्षा, रोजगार और रोजमर्रा के जीवन में नई सुविधाएं मिलेंगी। कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि इससे पहले जनवरी 2026 में 53 लाभार्थियों को ये चश्मे वितरित किए थे, जबकि इस चरण में 40 और दृष्टिबाधित बच्चों को लाभान्वित किया है। साथ ही, दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न विद्यालयों से लगभग 1500 बच्चों का पंजीकरण इस पहल के तहत किया जा चुका है। विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह के प्रयास दृष्टिबाधित लोगों की कार्यात्मक दृष्टि में सुधार लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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